UAE के उपराष्ट्रपति और उप प्रधानमंत्री शेख Mansour bin Zayed Al Nahyan और ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf के बीच 15 अप्रैल 2026 को फोन पर बातचीत हुई। इस चर्चा का मुख्य मकसद क्षेत्र में बढ़ रहे तनाव को कम करना और हालात सुधारना है। फरवरी 2026 के अंत में युद्ध शुरू होने के बाद से दोनों देशों के बीच यह पहली उच्च-स्तरीय बातचीत है।
बातचीत में किन मुख्य बातों पर चर्चा हुई?
UAE की सरकारी समाचार एजेंसी WAM के मुताबिक, इस बातचीत में क्षेत्रीय घटनाक्रम और तनाव घटाने के तरीकों पर फोकस किया गया। युद्ध शुरू होने के बाद UAE ने ईरान के प्रति काफी सख्त रुख अपनाया था। तेहरान द्वारा खाड़ी देशों को निशाना बनाने के बाद UAE ने अपना दूतावास बंद कर दिया था और राजदूत को वापस बुला लिया था। इस फोन कॉल को एक बड़ा कूटनीतिक मोड़ माना जा रहा है क्योंकि UAE अपनी वैश्विक वित्तीय और रसद स्थिति को बचाना चाहता है।
क्षेत्र में अभी और क्या बड़े अपडेट्स हैं?
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच अन्य कूटनीतिक कोशिशें भी जारी हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल Asim Munir भी 15 अप्रैल को तेहरान पहुंचे हैं और वे अमेरिका का संदेश लेकर गए हैं। वहीं, अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच पाकिस्तान की मदद से हुआ दो हफ्ते का युद्धविराम अगले हफ्ते खत्म होने वाला है।
ईरान की चेतावनी और अन्य देशों की स्थिति
ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी नहीं हटाई, तो वह खाड़ी क्षेत्र में व्यापार रोक देगा। दूसरी तरफ, लेबनान ने इजरायली हमलों को लेकर संयुक्त राष्ट्र में शिकायत दर्ज कराई है, हालांकि इजराइल और लेबनान के बीच शांति वार्ता शुरू हो चुकी है।
