UAE में 12 जुलाई 2026 की सुबह उस समय हलचल मच गई जब ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमले की कोशिश की गई। Ministry of Defence ने स्पष्ट किया है कि खतरे देश की सीमा के बाहर ही डिटेक्ट कर लिए गए थे और सुरक्षा तंत्र पूरी तरह सक्रिय रहा। इस घटना के दौरान कई इलाकों में तेज आवाजें सुनाई दीं, जो ईरान से दागी गई बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट किए जाने के कारण हुई थीं।

सुरक्षा को लेकर सरकार का बड़ा बयान

NCEMA ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक चैनलों से मिल रही जानकारी पर भरोसा करें। देश की सुरक्षा एजेंसियां 24 घंटे स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल हालात स्थिर बने हुए हैं और आम लोगों के लिए किसी तरह के बड़े खतरे की सूचना नहीं है। सरकारी अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

क्षेत्रीय तनाव और अन्य देशों पर असर

यह तनाव उस समय बढ़ गया जब US ने ईरान के ठिकानों पर स्ट्राइक की और राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ हुए सीजफायर समझौते को खत्म करने की घोषणा की। तनाव इतना बढ़ गया कि ईरान ने Strait of Hormuz को बंद कर दिया और वहां से गुजर रहे GFS Galaxy जहाज पर हमला किया। इस हमले में जहाज का इंजन रूम क्षतिग्रस्त हो गया और एक क्रू मेंबर लापता बताया जा रहा है। इसके अलावा Qatar, Bahrain और Jordan में भी ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों के खतरे को देखते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.