संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर हुए ईरानी मिसाइल हमलों के बाद स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। UAE के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान ने दुनिया के कई बड़े नेताओं और विदेश मंत्रियों से फोन पर बात की है। उन्होंने इस हमले को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया है। UAE सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए ईरान में अपना दूतावास बंद कर दिया है और अपने राजदूत को वापस बुला लिया है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
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प्रवासियों की सुरक्षा और हमलों का ताजा विवरण
इन हमलों में अब तक तीन विदेशी नागरिकों की जान जाने की खबर है जिनमें पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश के नागरिक शामिल हैं। मिसाइलों को हवा में नष्ट करने के दौरान गिरे मलबे की वजह से 68 लोगों को मामूली चोटें आई हैं। अबू धाबी और दुबई के कुछ रिहायशी इलाकों में हल्का नुकसान और आग लगने की घटनाएं हुई हैं। भारतीयों और अन्य प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे केवल सरकारी जानकारी पर ही भरोसा करें। यूएई रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उन्होंने अब तक बड़ी संख्या में मिसाइलों को मार गिराया है।
UAE सरकार द्वारा उठाए गए कड़े कदम
| अहम जानकारी | विवरण |
|---|---|
| राजनयिक कार्रवाई | तेहरान में दूतावास बंद और राजदूत की वापसी |
| सैन्य आंकड़े | 11 बैलिस्टिक मिसाइल और 123 ड्रोन इंटरसेप्ट किए गए |
| हवाई क्षेत्र | सुरक्षा के लिए एयरस्पेस क्लोजर और अलर्ट जारी |
| अंतरराष्ट्रीय समर्थन | कतर, अमेरिका और यूरोपीय संघ ने की हमलों की निंदा |
आम नागरिकों और यात्रियों के लिए जरूरी जानकारी
अधिकारियों ने बताया है कि स्थिति नियंत्रण में है लेकिन लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। गिरते मलबे से बचने के लिए सार्वजनिक सुरक्षा सलाह जारी की गई है। सरकार ने साफ किया है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत यूएई के पास अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है। ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तेल क्षेत्रों और आर्थिक केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि काम काज पर कोई बड़ा असर न पड़े।
