संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर ईरान द्वारा किए जा रहे हमलों की कड़ी निंदा की है। पिछले 26 दिनों से UAE के एयरपोर्ट, रिहायशी इलाकों और जरूरी ठिकानों पर 2,000 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें, क्रूज मिसाइलें और ड्रोन दागे गए हैं। संयुक्त राष्ट्र में UAE के प्रतिनिधि Jamal Al Musharakh ने इसे देश की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन बताया है। इन हमलों से आम लोगों की सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति पर गहरा असर पड़ा है और कई देशों ने इसकी निंदा की है।

इन हमलों में अब तक कितना हुआ नुकसान और क्या हैं आंकड़े?

UAE सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इन हमलों ने सीधे तौर पर नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाया है। इसमें एयरपोर्ट, ऊर्जा संयंत्र और वित्तीय केंद्रों के साथ-साथ आम लोगों के रहने वाले इलाके शामिल हैं। इन हमलों की वजह से अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं।

विवरण आंकड़े
हमलों की कुल अवधि 26 दिन (25 मार्च 2026 तक)
कुल मिसाइलें और ड्रोन 2,000 से अधिक
जान गंवाने वालों की संख्या 7 लोग
घायलों की संख्या 145 से अधिक
प्रभावित देश UAE, Bahrain, Kuwait, Oman, Qatar, Saudi Arabia, Jordan

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मामले में क्या कार्रवाई हो रही है?

UAE के राष्ट्रपति Sheikh Mohamed Bin Zayed Al Nahyan को स्लोवेनिया और मलेशिया के प्रमुखों ने फोन करके अपनी संवेदना व्यक्त की और इन हमलों की निंदा की। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मामले को काफी गंभीरता से लिया जा रहा है और कई बड़े संगठनों ने भी प्रतिक्रिया दी है।

  • UN Security Council Resolution 2817: 136 सदस्य देशों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया है और ईरान से हमले रोकने को कहा है।
  • NATO की प्रतिक्रिया: NATO महासचिव Mark Rutte ने भी हमलों की निंदा की और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चिंता जताई।
  • UAE का पक्ष: जमाल अल मुशारख ने साफ किया कि UAE अपनी रक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत कानूनी अधिकार रखता है।
  • एयर डिफेंस की सफलता: UAE की वायु सेना ने कई बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही नष्ट करने में कामयाबी हासिल की है।

इन हमलों का असर न केवल स्थानीय लोगों पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला और ऊर्जा सुरक्षा पर भी पड़ रहा है। UAE ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी धरती का उपयोग किसी भी देश के खिलाफ हमले के लिए नहीं होने देगा, लेकिन अपनी सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.