पिछले 26 दिनों से ईरान द्वारा किए जा रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) समेत कई खाड़ी देशों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इन हमलों ने नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया है जिससे जान-माल का नुकसान हुआ है। UAE के रक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे क्षेत्र की शांति के लिए बड़ा खतरा बताया है। इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किए गए हैं।

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UAE पर हमलों का क्या रहा असर?

UAE रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए इन हमलों में ईरान ने भारी मात्रा में हथियारों का इस्तेमाल किया है। इन हमलों में मुख्य रूप से आबादी वाले क्षेत्रों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। UAE के एयर डिफेंस सिस्टम ने इनमें से अधिकांश हमलों को नाकाम कर दिया है, लेकिन गिरते मलबे से शहरों में आग लगने की घटनाएं हुई हैं।

  • अब तक 357 बैलिस्टिक मिसाइलें UAE की ओर दागी गई हैं।
  • कुल 1,806 ड्रोन हमलों की पुष्टि की गई है।
  • इन हमलों में 8 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 2 सैन्य कर्मी शामिल हैं।
  • कुल 157 लोग घायल हुए हैं और अबू धाबी व दुबई के कुछ हिस्सों में नागरिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।

पड़ोसी देशों और अन्य इलाकों में ताजा स्थिति क्या है?

ईरान के हमले केवल UAE तक ही सीमित नहीं रहे बल्कि सऊदी अरब, कुवैत, कतर और बहरीन को भी निशाना बनाया गया है। 24 मार्च को बहरीन पर हुए एक हमले में UAE सेना के साथ काम कर रहे एक मोरक्कन नागरिक की मौत हो गई। कुवैत में मिसाइलों के मलबे से बिजली की लाइनें टूट गईं, जिससे कई इलाकों में बिजली गुल रही। कतर में भी एक औद्योगिक क्षेत्र को नुकसान पहुंचने की खबर है।

देश हमले की जानकारी नुकसान का विवरण
UAE 357 मिसाइलें, 1806 ड्रोन 8 मौतें, 157 घायल
Bahrain 24 मार्च को 19 ड्रोन हमले 1 नागरिक की मौत, सैनिक घायल
Kuwait मिसाइल और ड्रोन हमले बिजली की लाइनें टूटीं, बिजली गुल
Qatar इंडस्ट्रियल सिटी पर हमला ऊर्जा सुरक्षा पर खतरा
Saudi Arabia ड्रोन हमले ड्रोन को हवा में नष्ट किया गया

आधिकारिक बयान और सुरक्षा के कदम

UAE के विदेश मंत्रालय ने इन हरकतों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गरगाश ने कहा कि UAE के पास अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है, लेकिन देश संयम और बातचीत के जरिए शांति बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। GCC के महासचिव ने भी ईरान के इन कदमों की निंदा की है और कहा है कि यह क्षेत्र की सुरक्षा को अस्थिर करने वाला प्रयास है।

इन हालातों में खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय प्रशासन के संपर्क में रहें और किसी भी आपात स्थिति में आधिकारिक निर्देशों का पालन करें। विमान सेवाओं और अन्य यात्राओं पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।