UAE और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। UAE ने साफ कह दिया है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को उसके इलाके में चल रहे आतंकी व्यवहार से अलग नहीं किया जा सकता। परमाणु अप्रसार संधि (NPT) की बैठकों में UAE ने दुनिया को बताया कि जब तक सुरक्षा खतरों पर बात नहीं होगी, तब तक ईरान के परमाणु मुद्दे पर कोई भी चर्चा पूरी नहीं मानी जाएगी।

यूएई ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर क्या आरोप लगाए हैं?

UAE ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांग की है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम, मिसाइल प्रोग्राम और क्षेत्र को अस्थिर करने वाली गतिविधियों पर एक साथ सख्त कार्रवाई की जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए कुछ अहम बातें सामने आई हैं:

  • 60% यूरेनियम संवर्धन: IAEA की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के पास 400 किलोग्राम से ज्यादा 60% शुद्धता वाला यूरेनियम था।
  • गुप्त स्टोरेज: 27 फरवरी 2026 को खुलासा हुआ कि ईरान ने इस उच्च-संवर्धित यूरेनियम को इस्फाहान की एक भूमिगत सुरंग में छिपाया है।
  • हथियार का खतरा: विशेषज्ञों का मानना है कि 60% संवर्धन परमाणु हथियार बनाने के स्तर (90%) के बहुत करीब है।

ईरान और यूएई के बीच विवाद की मुख्य वजह क्या है?

यूएई ने ईरान पर नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने और धोखेबाज आतंकी हमलों का आरोप लगाया है। इस तनाव के पीछे की मुख्य घटनाएं इस प्रकार हैं:

  • ड्रोन और मिसाइल हमला: यूएई ने 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों की 1 मई 2026 को कड़ी निंदा की।
  • NPT बैठक में विरोध: 28 अप्रैल 2026 को अमेरिका, यूएई और यूरोपीय देशों ने ईरान को NPT का उपाध्यक्ष बनाने पर आपत्ति जताई और इसे संधि का अपमान बताया।
  • राष्ट्रपति का बयान: 5 मई 2026 को राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने कहा कि देश अपनी सुरक्षा के लिए आने वाले खतरों का मजबूती से जवाब देगा।

ईरान ने यूएई के आरोपों पर क्या जवाब दिया?

ईरान ने यूएई के सभी आरोपों को पूरी तरह गलत और निराधार बताया है। ईरान की तरफ से निम्नलिखित दावे किए गए हैं:

  • ईरान ने किसी भी तरह के मिसाइल या ड्रोन हमले से इनकार किया है।
  • तेहरान ने आरोप लगाया कि यूएई ने अमेरिका और इजरायली सेनाओं को अपनी जमीन से काम करने की इजाजत दी है।
  • ईरान ने चेतावनी दी कि अगर उसकी जमीन पर यूएई के क्षेत्र से हमला हुआ, तो वह निर्णायक जवाब देगा।
  • 6 मई 2026 को ईरान ने कहा कि वह खाड़ी में युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका के एक नए प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के 60% यूरेनियम संवर्धन का क्या मतलब है?

इसका मतलब है कि ईरान ने यूरेनियम को काफी शुद्ध कर लिया है। यह स्तर परमाणु हथियार बनाने के लिए जरूरी 90% शुद्धता के बहुत करीब है, जिसे दुनिया के कई देश सुरक्षा के लिए खतरा मानते हैं।

NPT बैठक में यूएई ने ईरान का विरोध क्यों किया?

यूएई, अमेरिका और यूरोपीय देशों ने ईरान को उपाध्यक्ष पद के लिए नामित करने का विरोध किया क्योंकि ईरान ने IAEA के काम में बाधा डाली और सुरक्षा नियमों का बार-बार उल्लंघन किया।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.