UAE-Iran Relation: ईरान के साथ रिश्ता सुधारने में लगेगा लंबा समय, 2800 मिसाइल हमले के बाद टूटा भरोसा

UAE के राष्ट्रपति सलाहकार Anwar Gargash ने ईरान के साथ रिश्तों पर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच दोबारा भरोसा बनाने में बहुत लंबा समय लगेगा। हाल ही में मिडिल ईस्ट में हुए संघर्ष और ईरान के हमलों की वजह से रिश्तों पर बहुत बुरा असर पड़ा है।

ईरान के हमलों ने कैसे बिगाड़े रिश्ते?

Anwar Gargash ने फ्रांस के शैंटिली में हुई World Policy Conference के दौरान बताया कि ईरान ने UAE पर 2,800 मिसाइल और ड्रोन से हमला किया था। उन्होंने कहा कि जब इतने बड़े पैमाने पर हमला हो, तो भरोसे की बात करना आसान नहीं होता। इन हमलों में से 89% निशाने पर आम नागरिक और ऊर्जा बुनियादी ढांचे थे। हालांकि, UAE ने अपनी सुरक्षा प्रणाली से 96% हमलों को नाकाम कर दिया था, लेकिन इस घटना ने ईरान को क्षेत्र के लिए एक बड़ा खतरा बना दिया है।

वर्तमान स्थिति और सुरक्षा पर क्या असर है?

ईरान और UAE के बीच तनाव इस कदर बढ़ गया है कि UAE ने तेहरान से अपने राजदूत को वापस बुला लिया है। सुरक्षा के मोर्चे पर भी बड़ी कार्रवाई हुई है, जहां शारजाह में ईरान के शासक तंत्र से जुड़े एक आतंकवादी समूह के सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। इन लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर करने और हमलों की योजना बनाने का आरोप है।

आगे क्या होगा और प्रवासियों पर क्या असर पड़ेगा?

अनवर गर्गाश ने साफ किया कि ईरान के साथ संबंध किसी स्तर पर तो वापस आएंगे, लेकिन विश्वास बहाल होना अलग बात है। उन्होंने कहा कि जब तक पूरी पारदर्शिता नहीं होगी और भविष्य में हमलों की गारंटी नहीं मिलेगी, तब तक रिश्तों में सुधार नहीं होगा। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और अक्सर यात्रा करने वाले भारतीयों के लिए क्षेत्रीय तनाव चिंता का विषय हो सकता है, क्योंकि इससे सुरक्षा और हवाई यातायात प्रभावित होता है। दूसरी तरफ, ईरान ने उन देशों से मुआवजे की मांग की है जिन्होंने अमेरिका और इजराइल को अपना हवाई क्षेत्र इस्तेमाल करने दिया था।