UAE की सुरक्षा एजेंसियों ने ईरान से जुड़े एक बड़े आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। सुरक्षा विभाग ने कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिन पर देश में तोड़फोड़ करने और शांति भंग करने की साजिश रचने का आरोप है। इस मामले को लेकर अब ईरान और UAE के बीच तनाव बढ़ गया है, क्योंकि ईरान ने इन गिरफ्तारियों को पूरी तरह गलत बताया है।

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UAE में क्या हुआ और क्या हैं आरोप?

UAE की स्टेट सिक्योरिटी सर्विस के मुताबिक, पकड़े गए लोग ईरान की ‘विलायत अल-फकीह’ विचारधारा से जुड़े थे। इस समूह ने फर्जी बिजनेस के जरिए देश में अपनी जगह बनाई थी। इनका मकसद UAE की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाना और संवेदनशील जगहों पर हमला करना था। जांच में पता चला कि ये लोग बाहरी ताकतों के साथ मिलकर गुप्त मीटिंग कर रहे थे और यहां के युवाओं को भड़काने की कोशिश कर रहे थे।

ईरान और UAE के बीच विवाद की मुख्य बातें

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने इन गिरफ्तारियों की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि ईरानी नागरिकों को पकड़ना बेबुनियाद है और उन्होंने UAE से मानवाधिकारों का सम्मान करने को कहा है। दूसरी तरफ, UAE के विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान ने ईरान को आतंकवादी बताया और साफ किया कि UAE किसी भी आतंकी धमकी के आगे नहीं झुकेगा।

घटनाक्रम और महत्वपूर्ण जानकारियां

इस पूरे विवाद से जुड़ी कुछ प्रमुख तारीखें और बातें नीचे दी गई तालिका में देखी जा सकती हैं:

तारीख/नाम मुख्य जानकारी
21 अप्रैल, 2026 UAE ने बड़ी आतंकी साजिश नाकाम की और कई संदिग्धों को पकड़ा।
20 मार्च, 2026 ईरान और हिज्बुल्ला से जुड़े एक और नेटवर्क का खुलासा हुआ था।
23 मार्च, 2026 UAE के विदेश मंत्री ने ईरान को “आतंकवादी” करार दिया।
इस्माइल बघाई ईरान के प्रवक्ता जिन्होंने गिरफ्तारियों को गलत बताया।
लेबनान लेबनान ने आतंकी साजिश की निंदा की और जांच में सहयोग का वादा किया।

UAE की सुरक्षा एजेंसियों ने आम लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत अधिकारियों को खबर करें। लेबनान के विदेश मंत्रालय ने भी इस मामले में दोषियों को सजा दिलाने के लिए सहयोग करने की बात कही है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.