UAE और ईरान के रिश्तों में अब बड़ी दरार आ गई है। राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार डॉ अनवर बिन मोहम्मद गार्गाश ने साफ कहा है कि ईरान के साथ फिर से भरोसा कायम करने में बहुत लंबा समय लगेगा। उन्होंने फ्रांस में एक कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि हमलों के बाद अब रिश्तों को सामान्य होने में कई पीढ़ियां लग सकती हैं।

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ईरान के हमलों का UAE पर क्या असर हुआ?

UAE के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि पिछले 7 हफ्तों के दौरान ईरान की तरफ से भारी हमले हुए। इस दौरान 537 बैलिस्टिक मिसाइल, 26 क्रूज मिसाइल और 2,256 ड्रोन दागे गए। इन हमलों में 12 लोगों की मौत हुई और 224 लोग घायल हुए, जिनमें दो UAE के नागरिक भी शामिल थे। डॉ गार्गाश ने कहा कि लगभग 89 से 90 प्रतिशत हमले आम लोगों के इलाकों और ऊर्जा केंद्रों पर हुए, जबकि ईरान का दावा था कि उन्होंने सिर्फ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था।

UAE ने ईरान के खिलाफ क्या कड़े कदम उठाए?

  • राजनयिक रिश्ते खत्म: 1 मार्च 2026 को UAE ने ईरान के साथ अपने सभी राजनयिक रिश्ते तोड़ दिए और तेहरान में अपना दूतावास बंद कर अपना राजदूत वापस बुला लिया।
  • UK के साथ साझेदारी: 26 अप्रैल 2026 को UAE और ब्रिटेन ने एक साझा बयान जारी किया। इसमें दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों पर ईरान की धमकियों की कड़े शब्दों में निंदा की।
  • BRICS मीटिंग में टकराव: भारत में हुई ब्रिक्स अधिकारियों की बैठक में ईरान और UAE के बीच गहरे मतभेद देखे गए, जिसकी वजह से कोई साझा सहमति नहीं बन पाई।
  • आतंकवाद पर कड़ा रुख: शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाह्यान ने साफ किया कि UAE आतंकवादियों की ब्लैकमेलिंग के आगे नहीं झुकेगा।
Sushma Kumari

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