UAE अब ईरान के साथ चल रहे विवाद में किनारे नहीं बैठा है। देश अपनी अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए अमेरिका से बातचीत कर रहा है और सुरक्षा के लिए नए रास्तों की तलाश में है। इस पूरे मामले में अब सैन्य कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है।

पैसों की सुरक्षा और अमेरिका से मदद की क्या है योजना

UAE सरकार को डर है कि अगर ईरान के साथ युद्ध लंबा खिंचा तो देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान हो सकता है। विदेशी मुद्रा भंडार कम होने और निवेशकों के डर से बचने के लिए UAE सेंट्रल बैंक के गवर्नर खालिद मोहम्मद बलामा ने अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट से मुलाकात की। इसमें करेंसी-स्वैप लाइन की मांग की गई है ताकि डॉलर की कमी न हो। अगर डॉलर की लिक्विडिटी कम हुई तो UAE तेल बेचने के लिए चीनी युआन या अन्य मुद्राओं का इस्तेमाल कर सकता है।

सुरक्षा और सैन्य कार्रवाई को लेकर क्या हैं नए अपडेट

UAE के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाह्यान ने ब्रिटेन की विदेश सचिव यवेट कूपर के साथ मुलाकात की। इसमें ईरान के हमलों और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक रास्तों की सुरक्षा पर चर्चा हुई। रिपोर्ट के मुताबिक UAE अब अपनी रणनीति बदल रहा है और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने के लिए अमेरिका और इजरायल के साथ सैन्य कार्रवाई में शामिल होने पर विचार कर रहा है। इसके लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव लाने की कोशिश भी की जा रही है।

तारीख महत्वपूर्ण घटना
फरवरी 2026 दुबई और अबू धाबी में ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमले हुए
मार्च 2026 UAE ने ईरान के साथ आधिकारिक रिश्ते तोड़े और दूतावास बंद किया
1 अप्रैल 2026 सैन्य कार्रवाई और होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर विचार शुरू हुआ
6 अप्रैल 2026 आंतरिक स्थिरता बनाए रखने के लिए सीधे युद्ध से बचने की कोशिश की
19 अप्रैल 2026 UAE और ब्रिटेन के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा और युद्धविराम पर बातचीत हुई
20 अप्रैल 2026 अमेरिका से वित्तीय मदद और करेंसी-स्वैप लाइन पर चर्चा हुई
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com