UAE और इसराइल के बीच तनावपूर्ण माहौल के बीच एक बड़ी खबर आई है। राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फोन पर बात की है। यह बातचीत यूएई पर हुए हालिया मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद हुई है, जिसने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी है।
UAE पर हुए हमलों का सच और ईरान का रोल
UAE के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि 5 मई 2026 को ईरान की तरफ से लगातार दूसरे दिन हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोका गया। ये हमले सोमवार 4 मई से शुरू हुए थे। इन हमलों की वजह से फुजैरा पेट्रोलियम जोन (FOIZ) में तीन भारतीय नागरिक मामूली तौर पर घायल हुए हैं। हालांकि, ईरान की सेना ने इन हमलों की बात से इनकार किया है और कहा है कि उनके किसी भी ऑपरेशन की घोषणा स्पष्ट रूप से की जाती है।
इसराइल ने कैसे की UAE की मदद
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फोन पर बातचीत के दौरान उन हमलों की कड़ी निंदा की जिन्होंने आम नागरिकों को निशाना बनाया। इस बातचीत के बाद इसराइल ने यूएई की रक्षा में मदद करने के लिए अपनी मशहूर Iron Dome सिस्टम भेजने का फैसला किया। UAE और इसराइल के बीच 2020 में संबंध सामान्य होने के बाद से दोनों देशों के बीच रक्षा और आर्थिक सहयोग लगातार बढ़ता गया है।
अन्य देशों और भारत की प्रतिक्रिया
- भारत: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 मई को इन हमलों की निंदा की और कहा कि भारत इस मुश्किल घड़ी में यूएई के साथ खड़ा है।
- जॉर्डन और इराक: जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय और इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र के प्रधानमंत्री मसरूर बरज़ानी ने भी फोन पर यूएई के प्रति अपनी एकजुटता जताई है।
- अमेरिका: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर दबाव बनाने के लिए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ नाम के ऑपरेशन को रोक दिया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UAE पर हुए हमलों में कौन घायल हुआ?
इन हमलों में तीन भारतीय नागरिक मामूली तौर पर घायल हुए हैं। भारत के विदेश मंत्रालय ने इसकी कड़ी निंदा की है और शत्रुता को तुरंत रोकने की मांग की है।
इसराइल ने UAE की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए?
प्रधानमंत्री नेतन्याहू और शेख बिन जायद के बीच फोन पर बात होने के बाद, इसराइल ने यूएई को अपनी आयरन डोम (Iron Dome) मिसाइल डिफेंस बैटरी भेजने का फैसला किया।