UAE ने इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (ITU) के काउंसिल सेशन में एक बड़ी कूटनीतिक पहल की है. 8 मई 2026 को खत्म हुए इस सेशन में एक ऐसा ऐतिहासिक प्रस्ताव पास हुआ है जो पूरी दुनिया के डिजिटल सिस्टम को सुरक्षित बनाएगा. अब टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले हमलों की कड़ी निंदा की जाएगी.
ITU में क्या बड़ा फैसला लिया गया?
ITU काउंसिल के सेशन में सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव अपनाया है. इसमें डिजिटल कनेक्टिविटी सिस्टम पर होने वाले संगठित हमलों की निंदा की गई है. यह पहली बार है जब ITU ने इस तरह के हमलों के खिलाफ औपचारिक तौर पर अपनी आवाज़ उठाई है. इस कदम से अंतरराष्ट्रीय साइबर सुरक्षा के मानकों के लिए एक जरूरी मिसाल कायम हुई है. इस दौरान कुछ अन्य प्रस्ताव भी पेश हुए थे लेकिन उन पर सहमति नहीं बन पाई.
किन देशों के नेटवर्क पर हमले हुए थे?
यह नया नियम और प्रस्ताव खासतौर पर उन हमलों को रोकने के लिए लाया गया है जिनसे इन देशों के टेलीकॉम नेटवर्क प्रभावित हुए थे:
- UAE (संयुक्त अरब अमीरात)
- Bahrain (बहरीन)
- Kuwait (कुवैत)
- Jordan (जॉर्डन)
Frequently Asked Questions (FAQs)
यह फैसला कब लिया गया?
यह फैसला 8 मई 2026 को इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (ITU) के काउंसिल सेशन के समापन पर लिया गया.
इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल कनेक्टिविटी सिस्टम पर होने वाले हमलों को रोकना और उनकी निंदा करना है.