संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रहने वाले प्रवासियों और वहां जाकर नौकरी करने का सपना देखने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। एक नई रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि साल 2030 तक यूएई की अर्थव्यवस्था में करीब 10 लाख नए वर्कर जुड़ेंगे। देश में हो रहे डिजिटल बदलाव और नई तकनीक की वजह से आने वाले कुछ सालों में रोजगार के अवसर बहुत तेजी से बढ़ने वाले हैं।

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नौकरी के बाजार में कितनी होगी बढ़ोतरी?

ServiceNow और Pearson की Workforce Skills Forecast 2025 रिपोर्ट के मुताबिक यूएई को आने वाले समय में 10.3 लाख नए कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी। यह मौजूदा रोजगार के आंकड़ों में 12.1 प्रतिशत की बड़ी छलांग है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यूएई में नौकरियों के बढ़ने की रफ्तार अमेरिका, ब्रिटेन और भारत जैसे बड़े देशों से भी काफी अधिक रहने वाली है। भारत में जहां रोजगार वृद्धि 10.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है, वहीं यूएई इससे आगे निकल जाएगा।

इन वजहों से पैदा होंगे रोजगार के नए अवसर

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल सेक्टर में कर्मचारियों की सबसे ज्यादा मांग रहेगी।
  • आर्थिक विस्तार की वजह से सरकारी और प्राइवेट सेक्टर अपनी टीमों को बड़े स्तर पर बढ़ाएंगे।
  • बढ़ती मांग को देखते हुए घरेलू निवेश में भी बड़ा इजाफा होने की उम्मीद है।
  • प्रवासियों के लिए रोजगार के नए दरवाजे खुलेंगे जिससे उनकी आमदनी और रहने के स्तर पर सीधा असर पड़ेगा।

यूएई का लेबर मार्केट फिलहाल बहुत तेजी से बदल रहा है। मानव संसाधन और अमीरातीकरण मंत्रालय (MoHRE) इन बदलावों और लेबर नियमों की निगरानी करता है। हाल के दिनों में विदेशी कामगारों के लिए नए अवसरों पर काम शुरू हुआ है, जिससे भारत और अन्य एशियाई देशों के लोगों को बड़ा फायदा मिलने वाला है। प्रवासियों को अब अपनी स्किल्स को डिजिटल और एआई के हिसाब से ढालने की जरूरत पड़ेगी।