UAE में पढ़ाई पूरी करने वाले युवाओं के लिए नौकरी पाना अब पहले से कहीं ज्यादा मुश्किल हो गया है. कंपनियों ने शुरुआती लेवल यानी एंट्री-लेवल की भर्तियों में कटौती की है, जिससे नए ग्रेजुएट्स को करियर शुरू करने में काफी संघर्ष करना पड़ रहा है. मार्केट में अब जनरल काम करने वालों के बजाय सिर्फ खास हुनर रखने वाले स्पेशलिस्ट की मांग है.

अनुभव की शर्त बनी बड़ी रुकावट

नौकरी ढूंढने वालों, खासकर भारतीय प्रवासियों और नए ग्रेजुएट्स के लिए सबसे बड़ी समस्या UAE अनुभव की मांग है. कई कंपनियां शुरुआती पदों के लिए भी 2 से 3 साल का स्थानीय अनुभव मांग रही हैं. LinkedIn की एक रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 65% प्रोफेशनल्स को पिछले 12 महीनों में नई नौकरी पाने में दिक्कत आई है और 63% लोगों ने इसकी वजह बढ़ती प्रतिस्पर्धा को बताया है.

इन सेक्टर में है ज्यादा मौका

बाजार में अब जनरल ऑफिस जॉब्स की जगह टेक्निकल और स्पेशलाइज्ड भूमिकाओं को प्राथमिकता दी जा रही है. टेक्नोलॉजी और AI सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेक्टर है. यहां AI और मशीन लर्निंग इंजीनियर, साइबर सिक्योरिटी एनालिस्ट और डेटा साइंटिस्ट की भारी मांग है. इसके अलावा फिनटेक, डिजिटल बैंकिंग, हेल्थ-टेक और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में भी अच्छे मौके हैं. निर्माण क्षेत्र में भी प्रोजेक्ट इंजीनियर और साइट मैनेजरों की जरूरत बनी हुई है.

युद्ध और आर्थिक अनिश्चितता का असर

2026 के मिडिल ईस्ट युद्ध ने आर्थिक माहौल को अनिश्चित बना दिया है. इस वजह से रिटेल, लॉजिस्टिक्स, टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी जैसे सेक्टरों में कंपनियों ने नई भर्तियां कम कर दी हैं या उन्हें आगे के लिए टाल दिया है. ManpowerGroup की रिपोर्ट के अनुसार, UAE का नेट एम्प्लॉयमेंट आउटलुक जो पिछली तिमाही में काफी बेहतर था, वह अब गिरकर 17% पर आ गया है.

AI और भर्ती की नई तकनीक

कंपनियां अब CV शॉर्टलिस्ट करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा ले रही हैं. बताया गया है कि करीब 35% आवेदकों को कोई जवाब नहीं मिलता क्योंकि AI सॉफ्टवेयर उनके प्रोफाइल को फिल्टर कर देता है. 56% नौकरी चाहने वाले इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि AI उनकी नौकरी मिलने की संभावनाओं को कैसे प्रभावित कर रहा है.

सरकारी कदम और नए नियम

मानव संसाधन और अमीरातीकरण मंत्रालय (MoHRE) ने निजी क्षेत्र में अमीराती नागरिकों के लिए न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 6,000 दिरहम प्रति महीना कर दिया है. वहीं, शारजाह सरकार ने फ्रेश ग्रेजुएट्स के लिए बड़ा कदम उठाते हुए 3,000 सरकारी नौकरियां देने की योजना बनाई है. इसके तहत इंजीनियरिंग, IT और अकाउंटिंग जैसे क्षेत्रों के ग्रेजुएट्स को ट्रेनिंग दी जाएगी और फिर सीधे सरकारी विभागों में नियुक्त किया जाएगा.

प्रमुख आंकड़े और अपडेट

विवरण आंकड़ा/जानकारी
नौकरी ढूंढने में मुश्किल महसूस करने वाले लोग 65%
2026 में नौकरी बदलने की योजना बनाने वाले 72%
AI द्वारा रिजेक्ट होने वाले आवेदक 35%
नेट एम्प्लॉयमेंट आउटलुक (Q3 2026) 17%
अमीराती नागरिकों का न्यूनतम वेतन 6,000 AED
शारजाह सरकार द्वारा नई नौकरियां 3,000 पद
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.