UAE और जॉर्डन ने मिलकर बुनियादी ढांचे के विकास के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। दोनों देशों के बीच जॉर्डन में एक नया रेलवे नेटवर्क बनाने और ‘UAE–Jordan Railway Company’ की स्थापना के लिए आधिकारिक समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं। इस विशाल प्रोजेक्ट पर करीब 2.3 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा, जिससे दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को नई मजबूती मिलेगी।

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रेलवे प्रोजेक्ट की खास बातें क्या हैं?

इस समझौते के तहत जॉर्डन में 360 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन बनाई जाएगी। यह लाइन मुख्य माइनिंग क्षेत्रों जैसे अल-शिदिया (Al-Shidiya) और घोर अल-साफी (Ghor Al-Safi) को सीधे अकाबा पोर्ट (Port of Aqaba) से जोड़ेगी। इस नेटवर्क का इस्तेमाल हर साल 16 मिलियन टन फॉस्फेट और पोटाश की ढुलाई के लिए किया जाएगा।

विवरण जानकारी
कुल निवेश 2.3 अरब अमेरिकी डॉलर
रेलवे की लंबाई 360 किलोमीटर
सालाना क्षमता 16 मिलियन टन (फॉस्फेट और पोटाश)
मुख्य रूट माइनिंग एरिया से अकाबा पोर्ट तक
संचालन समय 2030 तक शुरू होने की उम्मीद

कौन सी कंपनियाँ जुड़ी हैं और कब तक पूरा होगा काम?

इस प्रोजेक्ट के लिए बनाई गई ‘UAE–Jordan Railway Company’ में अबू धाबी की L’IMAD Holding कंपनी और जॉर्डन की कई सरकारी संस्थाएं शामिल हैं। इस पूरे प्रोजेक्ट को लागू करने की जिम्मेदारी Etihad Rail को दी गई है। रेलवे रूट और हैंडलिंग की विस्तृत स्टडी 2025 के अंत तक पूरी हो जाएगी और 2026 की शुरुआत में इसके लिए बिड्स मांगे जाएंगे।

इस निवेश का आम लोगों और व्यापार पर क्या असर होगा?

यह रेलवे प्रोजेक्ट UAE और जॉर्डन के बीच हुए 5.5 अरब डॉलर के बड़े निवेश पैकेज का एक अहम हिस्सा है। इससे अकाबा पोर्ट की क्षमता बढ़ेगी और वह एक क्षेत्रीय लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभरेगा। भविष्य में यह नेटवर्क जॉर्डन को अन्य अरब देशों, सीरिया और भूमध्य सागर (Mediterranean) से जोड़ने में मदद करेगा, जिससे माल की ढुलाई आसान और सस्ती होगी।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.