UAE और South Korea के बीच एक बहुत बड़ा आर्थिक समझौता होने जा रहा है. 1 मई 2026 से यह नया नियम लागू हो जाएगा, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार करना अब और भी आसान होगा. इस कदम से बिजनेस के नए रास्ते खुलेंगे और प्राइवेट कंपनियों के लिए हाथ मिलाना सरल होगा.

UAE-Korea CEPA समझौते से क्या फायदा होगा?

WAM द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इस समझौते के बाद कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे:

  • करीब 91.2 प्रतिशत सामान और सेवाओं पर लगने वाले टैक्स (टैरिफ) को या तो पूरी तरह हटा दिया जाएगा या फिर कम कर दिया जाएगा.
  • इससे सामान बेचने वाले व्यापारियों के लिए एशिया के एक बहुत ही ताकतवर बाजार में पहुंच बनाना आसान हो जाएगा.
  • South Korea के लिए यह GCC और मिडिल ईस्ट के किसी भी देश के साथ किया गया पहला व्यापारिक समझौता है.

इस नए नियम का असर व्यापार पर कैसे पड़ेगा?

यह समझौता सिर्फ टैक्स कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मकसद व्यापार की मुश्किलों को दूर करना है. सरकार का कहना है कि इससे व्यापार के बीच आने वाली अनावश्यक रुकावटें खत्म होंगी. इससे दोनों देशों की प्राइवेट कंपनियों के बीच आपसी सहयोग बढ़ेगा और निवेश के नए मौके मिलेंगे. यह कदम दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को पहले से ज्यादा मजबूत बनाने के लिए उठाया गया है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

UAE-Korea CEPA कब से लागू होगा?

यह समझौता आधिकारिक तौर पर 1 मई 2026 से लागू होगा, जिसकी घोषणा 30 अप्रैल 2026 को की गई थी.

इस समझौते से टैक्स पर क्या असर पड़ेगा?

इस एग्रीमेंट के तहत 91.2 प्रतिशत व्यापारिक वस्तुओं और सेवाओं पर लगने वाले टैरिफ को कम या खत्म कर दिया जाएगा.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.