UAE और Kuwait पर ईरान का बड़ा हमला, ADNOC के टैंकर को बनाया निशाना, फारस की खाड़ी में तनाव बढ़ा.

Aanya8 August 20263 min read68 viewsUAE
UAE और Kuwait पर ईरान का बड़ा हमला, ADNOC के टैंकर को बनाया निशाना, फारस की खाड़ी में तनाव बढ़ा.

खाड़ी देशों में एक बार फिर से तनाव का माहौल बहुत ज्यादा बढ़ गया है जब ईरान की तरफ से हरमूज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz से गुजर रहे एक कमर्शियल जहाज पर मिसाइल से हमला कर दिया गया। 8 अगस्त 2026 को यूएई के विदेश मंत्रालय और यूएई के उप प्रधानमंत्री तथा विदेश मंत्री H.H. Sheikh Abdullah bin Zayed Al Nahyan के पास कुवैत के विदेश मंत्री Sheikh Jarrah Jaber Al-Ahmad Al-Sabah का फोन आया था जिसके बाद दोनों देशों के बड़े अधिकारियों ने मिलकर इस पूरे मामले पर गंभीर बातचीत की और ईरान के इस खतरनाक कदम की कड़ी निंदा की। इस हमले के दौरान राहत की बात यह रही कि किसी भी व्यक्ति के घायल होने की खबर सामने नहीं आई और सभी सुरक्षित रहे लेकिन इस घटना ने पूरे इलाके की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है।

यूएई और कुवैत ने मिलकर की कड़ी निंदा

यूएई के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव संख्या 2817 का खुला उल्लंघन बताया है जिसमें साफ तौर पर यह कहा गया है कि नौवहन की स्वतंत्रता का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए और किसी भी कमर्शियल जहाज को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। मंत्रालय ने आगे यह भी कहा कि इस तरह से कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाना और हरमूज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल आर्थिक दबाव बनाने या फिर ब्लैकमेल करने के लिए करना ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की तरफ से समुद्री डकैती जैसा घिनौना काम है जो सीधे तौर पर क्षेत्रीय स्थिरता और दुनिया भर की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा पैदा करता है। इस बारे में अधिक जानकारी आप UAE MOFA official website पर जाकर देख सकते हैं।

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कुवैत के विदेश मंत्री ने इस बातचीत के दौरान यूएई के साथ अपनी पूरी एकजुटता दिखाई और यह भरोसा दिलाया कि कुवैत हर कदम पर यूएई के साथ खड़ा है ताकि देश की संप्रभुता, सुरक्षा और हितों की पूरी तरह से रक्षा की जा सके। ADNOC कंपनी ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि उनका एक जहाज इस हमले की चपेट में आया था और फरवरी की 28 तारीख के बाद से ADNOC के जहाजों पर होने वाला यह कुल 16वां हमला था, जिसमें से केवल पिछले एक हफ्ते के भीतर ही ऐसे 3 हमले हो चुके हैं जिससे वहां काम करने वाले लोगों और कंपनियों में चिंता बढ़ गई है।

खाड़ी देशों में दिखा भारी गुस्सा

ईरान की तरफ से किए गए इस हमले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में विरोध की लहर दौड़ गई है और सऊदी अरब, कतर तथा बहरीन ने भी यूएई के प्रति अपना पूरा समर्थन जताया है। इसके साथ ही खाड़ी सहयोग परिषद यानी GCC के महासचिव Jasem Albudaiwi ने भी इस घटना की बहुत कड़े शब्दों में निंदा की और इसे एक अस्वीकार्य escalation यानी तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्र में चलने वाले जहाजों के लिए सीधा खतरा है। दूसरी तरफ ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स का यह कहना है कि हरमूज जलडमरूमध्य को दोबारा तब तक नहीं खोला जाएगा जब तक कि वाशिंगटन यानी अमेरिका उनकी शर्तों को नहीं मान लेता है, और ईरान के विदेश मंत्री ने ओमान के साथ मिलकर एक नए शिपिंग रूट को लेकर बातचीत करने की बात भी कही है। ओमान के विदेश मंत्रालय ने सीधे तौर पर ईरान का नाम तो नहीं लिया लेकिन उन्होंने हरमूज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर बार-बार हो रहे इन हमलों की कड़ी निंदा की है जिसका असर भारत से जाने वाले लोगों और वहां रहने वाले प्रवासियों पर भी पड़ सकता है जो अक्सर इन रास्तों और समुद्री व्यापार से जुड़े रहते हैं।

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