दुबई से बाहर फंसे कामगारों के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है. यूएई में हवाई क्षेत्र बंद होने या उड़ानों में अचानक आई रुकावट के कारण जो लोग समय पर वापस नहीं लौट पा रहे हैं, उनके लिए श्रम कानून के तहत कुछ सुरक्षा दी गई है. हालांकि यूएई श्रम कानून में हवाई क्षेत्र बंद होने जैसी स्थिति के लिए कोई सीधा नियम नहीं लिखा है, लेकिन इसे एक जायज कारण माना गया है. इसका मतलब यह है कि अगर आप मजबूरी में फंसे हैं, तो कंपनी आप पर गलत तरीके से कार्रवाई नहीं कर सकती.

सैलरी और छुट्टी को लेकर क्या हैं कंपनियों के अधिकार?

नियमों के अनुसार अगर कोई कर्मचारी ऐसी स्थिति में फंसा है जो उसके हाथ में नहीं है, जैसे कि फ्लाइट रद्द होना या बॉर्डर बंद होना, तो इसे एक उचित अनुपस्थिति माना जाता है. कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कर्मचारी अपने घर से काम कर सकता है और कंपनी इसके लिए सहमत है, तो उसकी सैलरी सामान्य रूप से जारी रहेगी. अगर ऑफिस में उपस्थित होना जरूरी है और कर्मचारी नहीं पहुंच पा रहा है, तो नियोक्ता कर्मचारी के सवेतन अवकाश यानी पेड लीव या वार्षिक छुट्टियों का उपयोग करने का विकल्प दे सकते हैं. अगर आप कंपनी के काम से विदेश गए थे, तो आपके ठहरने और वापस आने का पूरा खर्च और सैलरी देना कंपनी की कानूनी जिम्मेदारी है.

नौकरी जाने का डर और वीज़ा पर मिली राहत

यूएई श्रम कानून का अनुच्छेद 44 बिना बताए छुट्टी करने पर कार्रवाई की इजाजत देता है, लेकिन हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण फंसा होना एक वैध कारण माना जाता है. मानव संसाधन और अमीरात मंत्रालय (MoHRE) और कानूनी विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि ऐसी स्थिति में किसी को मनमाने ढंग से नौकरी से नहीं निकाला जा सकता. इसके अलावा, आईसीपी (ICP) ने उन लोगों के लिए वीज़ा जुर्माने में राहत दी है जिनके वीज़ा 28 फरवरी 2026 के बाद खत्म हो गए हैं. ऐसे लोग 31 मार्च 2026 तक बिना किसी दंड के वापस आ सकते हैं.

मुख्य जानकारी नियम और अपडेट
सैलरी का भुगतान रिमोट वर्क संभव होने पर पूरी सैलरी मिलेगी, वरना आपसी सहमति से छुट्टी तय होगी.
नौकरी की सुरक्षा मजबूरी में फंसा होना एक वैध कारण है, इसे कदाचार (Misconduct) नहीं माना जाएगा.
ओवरस्टे जुर्माना 28 फरवरी 2026 के बाद वीज़ा खत्म होने पर 31 मार्च तक जुर्माना नहीं लगेगा.
जरूरी कदम फ्लाइट रद्द होने का सबूत तुरंत कंपनी को भेजें और लिखित में सूचित करें.
रिमोट वर्क वीज़ा साल 2026 में भी यह प्रोग्राम जारी है, जिसमें आय के कड़े नियमों का पालन करना होगा.
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.