UAE में इंटरनेशनल वर्कर्स डे के मौके पर प्रवासियों के लिए अच्छी खबरें आई हैं। मिनिस्ट्री ऑफ ह्यूमन रिसोर्सेज एंड एमिरेटाइजेशन (MoHRE) ने मजदूरों की खुशहाली के लिए देशभर में कई प्रोग्राम किए। सरकार ने साफ किया है कि देश की तरक्की में काम करने वालों का बड़ा हाथ है और उनकी सुरक्षा सबसे ऊपर है।
मजदूरों की सुरक्षा और सेहत के लिए क्या इंतजाम हैं?
UAE सरकार ने प्रवासियों के लिए कई सख्त और मददगार नियम बनाए हैं ताकि उन्हें काम के दौरान परेशानी न हो। इसमें मुख्य बातें ये हैं:
- दोपहर की छुट्टी: हर साल 15 जून से 15 सितंबर तक बाहर काम करने वालों के लिए दोपहर में काम करने पर पाबंदी रहती है।
- आराम केंद्र: डिलीवरी करने वाले वर्कर्स के लिए 10,000 रेस्ट स्टेशन बनाए गए हैं।
- हेल्थ इंश्योरेंस: साल 2026 तक सभी प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों और घरेलू कामगारों (domestic workers) के लिए बेसिक हेल्थ इंश्योरेंस होना जरूरी होगा।
नौकरी छूटने पर कैसे मिलेगी आर्थिक मदद?
प्रवासियों की चिंता कम करने के लिए सरकार ने ILOE इंश्योरेंस शुरू किया है। यह सिस्टम उन लोगों के काम आता है जिनकी नौकरी अचानक चली जाती है।
- सैलरी सपोर्ट: नौकरी जाने के बाद यह इंश्योरेंस 3 महीने तक बेसिक सैलरी का 60% तक पैसा देता है।
- कवरेज: फिलहाल इसमें 70 लाख से ज्यादा नागरिक और निवासी शामिल हैं।
- नया नियम: 2024 के अंत तक फ्री-ज़ोन में काम करने वाले सभी लोगों के लिए इस इंश्योरेंस में शामिल होना अनिवार्य हो जाएगा।
नियमों के पालन और सुधार के आंकड़े
MoHRE ने बताया कि देश में नियमों का पालन करने वालों की संख्या बढ़ी है और गलत काम करने वालों में कमी आई है।
| क्षेत्र | सुधार (कमी) |
|---|---|
| फेक एमिरेटाइजेशन (Fake Emiratisation) नियमों का उल्लंघन | 62% की कमी |
| वर्कर्स आवास (Accommodation) मानकों का उल्लंघन | 30% की कमी |
यूनियन एसोसिएशन फॉर ह्यूमन राइट्स (UAHR) ने भी UAE सरकार की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि यहाँ मजदूरों को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल दिया जा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या सभी प्राइवेट सेक्टर कर्मचारियों को हेल्थ इंश्योरेंस मिलेगा?
हाँ, UAE सरकार के नियम के मुताबिक साल 2026 तक सभी प्राइवेट सेक्टर और डोमेस्टिक वर्कर्स के लिए बेसिक हेल्थ इंश्योरेंस अनिवार्य होगा।
ILOE इंश्योरेंस का फायदा क्या है?
यह इंश्योरेंस उन लोगों के लिए है जिनकी नौकरी छूट जाती है। इसमें नौकरी जाने के बाद 3 महीने तक बेसिक सैलरी का 60% तक भुगतान किया जाता है।