UAE सरकार के मानव संसाधन और अमीरातीकरण मंत्रालय (MoHRE) ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित दूसरे इंटरनेशनल माइग्रेशन रिव्यू फोरम (IMRF) में हिस्सा लिया है। यह मीटिंग 5 से 8 मई 2026 तक चली, जिसमें दुनिया भर के देशों और एक्सपर्ट्स ने शिरकत की। UAE ने यहां अपने लेबर मार्केट मैनेजमेंट और प्रवासियों के लिए बनाए गए नियमों की जानकारी दी।
UN मीटिंग में UAE ने क्या खास बातें रखीं?
UAE ने दुनिया को बताया कि उसने लेबर मार्केट को चलाने के लिए एक आधुनिक सिस्टम तैयार किया है। इस सिस्टम में कुछ मुख्य बातों पर जोर दिया गया है:
- दोनों का हक: नए कानून ऐसे बनाए गए हैं जिससे कंपनी और कर्मचारी दोनों के अधिकारों की रक्षा हो सके।
- इंसानी गरिमा: मजदूरों के काम करने के माहौल और उनकी इज्जत का पूरा ख्याल रखा जाए।
- बेहतर जीवन: प्रवासियों के रहने के स्तर और उनकी खुशहाली को बढ़ाने पर काम किया गया है।
प्रवासियों और इंडियन वर्कर्स पर इसका क्या असर होगा?
MoHRE की एक्टिंग अंडरसेक्रेटरी शायमा अलअवधी ने इस मीटिंग में एक भाषण दिया। उन्होंने कहा कि UAE पूरी दुनिया के साथ मिलकर एक ऐसा सिस्टम बनाना चाहता है जहां लेबर माइग्रेशन सुरक्षित और व्यवस्थित हो। इससे गल्फ में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए काम के कॉन्ट्रैक्ट और भी पारदर्शी और सुरक्षित होंगे। यह पूरी कोशिश प्रवासियों के मानवाधिकारों को बचाने और उनके भविष्य को बेहतर बनाने के लिए की गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
IMRF मीटिंग कहां और कब हुई?
यह मीटिंग 5 से 8 मई 2026 तक न्यूयॉर्क के UN मुख्यालय में हुई, जिसमें UAE के MoHRE मंत्रालय ने हिस्सा लिया।
UAE ने लेबर मार्केट के लिए क्या योजना बताई?
UAE ने एक ऐसा गवर्नेंस फ्रेमवर्क पेश किया जो कंपनी और कर्मचारी दोनों के अधिकारों की रक्षा करता है और प्रवासियों के जीवन स्तर को सुधारता है।