UAE ने अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में एक बड़ी छलांग लगाई है। दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद ने ‘इंटरनेशनल स्पेस कोऑपरेशन प्रोग्राम’ की शुरुआत की है। इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए 1 अरब दिरहम का बजट तय किया गया है ताकि दुनिया भर के देशों के साथ मिलकर स्पेस रिसर्च और डेवलपमेंट का काम किया जा सके।
1 अरब दिरहम के फंड से क्या होगा
इस प्रोग्राम का मुख्य मकसद दुनिया भर के रिसर्च संस्थानों, यूनिवर्सिटी और बड़ी कंपनियों के साथ साझेदारी करना है। सरकार चाहती है कि UAE स्पेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक ग्लोबल हब बने। इस फंड का इस्तेमाल इन कामों के लिए किया जाएगा:
- एडवांस्ड टेक्नोलॉजी को UAE में लाना।
- देश के युवाओं और टैलेंट को स्पेस सेक्टर में मौका देना।
- UAE के रिसर्च सेंटर्स को ग्लोबल लेवल के संस्थानों से जोड़ना।
- स्पेस इकोनॉमी में अपनी पकड़ को और मजबूत करना।
इस प्रोग्राम की देखरेख कौन करेगा
इस बड़े मिशन की शुरुआत सुप्रीम स्पेस काउंसिल की बैठक के दौरान शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम के निर्देशन में हुई है। इस पूरी प्रक्रिया को चलाने के लिए कुछ मुख्य संस्थाएं काम करेंगी:
- सुप्रीम स्पेस काउंसिल: यह काउंसिल पूरे नेशनल स्पेस सेक्टर की देखरेख और योजना बनाने का काम करेगी।
- UAE स्पेस एजेंसी: यह एजेंसी जनरल सेक्रेटेरिएट के रूप में काम करेगी और तकनीकी व प्रशासनिक सहायता प्रदान करेगी।
इस पहल से उम्मीद है कि UAE की अर्थव्यवस्था अब ज्ञान और इनोवेशन पर आधारित होगी जिससे भविष्य में नए तकनीकी अवसर पैदा होंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
International Space Cooperation Programme क्या है?
यह UAE सरकार द्वारा शुरू किया गया एक प्रोग्राम है जिसके लिए 1 अरब दिरहम आवंटित किए गए हैं। इसका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए स्पेस रिसर्च और टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देना है।
इस प्रोग्राम का नेतृत्व कौन कर रहा है?
इस प्रोग्राम की शुरुआत दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम के निर्देशन में हुई है। इसकी देखरेख सुप्रीम स्पेस काउंसिल करती है और UAE स्पेस एजेंसी इसे तकनीकी सहायता देती है।
