संयुक्त अरब अमीरात ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता हासिल की है। देश ने 13 फरवरी 2026 को अपना पहला स्वदेशी हाइब्रिड-प्रोपल्शन रॉकेट सफलतापूर्वक लॉन्च किया। यह रॉकेट पूरी तरह से यूएई में ही डिजाइन और तैयार किया गया है। इस सफल परीक्षण के बाद अब यूएई केवल दूसरे देशों के रॉकेट पर निर्भर रहने के बजाय खुद की तकनीक विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ गया है। यह लॉन्च अबू धाबी के एक दूरदराज द्वीप से किया गया।

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रॉकेट की मुख्य खूबियां और क्षमता

अबू धाबी के टेक्नोलॉजी इनोवेशन इंस्टीट्यूट (TII) द्वारा विकसित यह रॉकेट कई मायनों में खास है। यह एक हाइब्रिड रॉकेट है जिसमें लिक्विड और सॉलिड दोनों तरह के ईंधन का इस्तेमाल किया गया है। इसके सभी हिस्से जैसे इंजन, टैंक और कंट्रोल सिस्टम यूएई में ही बने हैं।

विशेषता विवरण
लॉन्च की तारीख 13 फरवरी 2026
रॉकेट का वजन 13 किलोग्राम
तय की गई ऊंचाई 3 किलोमीटर (9842 फीट)
ईंधन का प्रकार नाइट्रस ऑक्साइड और पॉलीथीन
रिकवरी सिस्टम पैराशूट द्वारा सुरक्षित वापसी
विकास का समय 2.5 साल

इस मिशन से क्या बदलेगा?

इस सफल लॉन्च के साथ ही यूएई अब अंतरिक्ष के क्षेत्र में केवल एक ग्राहक नहीं बल्कि एक निर्माता बन गया है। पहले यूएई अपने बड़े मिशन के लिए स्पेसएक्स या जापान के रॉकेट पर निर्भर रहता था लेकिन अब देश अपनी खुद की लॉन्चिंग क्षमता बढ़ा रहा है। यूएई स्पेस एजेंसी ने इसके लिए कड़े सुरक्षा नियम और लाइसेंस प्रक्रिया भी तय की है। यह तकनीक न केवल सस्ती है बल्कि पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित मानी जा रही है। भविष्य में इस तकनीक का उपयोग बड़े रॉकेट बनाने के लिए किया जाएगा।