संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने देश में कपड़ों के कचरे को कम करने के लिए एक बड़ी योजना शुरू की है। राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के निर्देश पर “नसीज” (Naseej) नाम की एक नई राष्ट्रीय पहल की शुरुआत की गई है। इस पहल का मुख्य मकसद कपड़ों के उत्पादन, उपयोग और रीसाइक्लिंग के तरीके को बदलना है क्योंकि यूएई में हर साल करीब 2.2 लाख टन कपड़ों का कचरा निकलता है। इस योजना से पर्यावरण को बचाने और फैशन इंडस्ट्री को अधिक टिकाऊ बनाने में बड़ी मदद मिलेगी।
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नसीज पहल किन 5 मुख्य क्षेत्रों पर काम करेगी?
इस राष्ट्रीय पहल के तहत कपड़ों के कचरे को कम करने के लिए पांच प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इससे पूरे फैशन और कपड़ा उद्योग में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा:
- कपड़ों का संग्रह और रीसाइक्लिंग: पुराने और बेकार कपड़ों को इकट्ठा करके उन्हें दोबारा इस्तेमाल के लायक बनाया जाएगा ताकि वे कचरे में न जाएं।
- लोगों में जागरूकता बढ़ाना: आम जनता को कपड़ों की बर्बादी रोकने और सस्टेनेबल फैशन अपनाने के बारे में जागरूक किया जाएगा।
- व्यवहार संबंधी शोध: लोग कपड़े कैसे खरीदते हैं और उन्हें किस तरह उपयोग करते हैं, इस व्यवहार पर रिसर्च की जाएगी।
- नई नीतियां तैयार करना: सरकार कपड़ों के उत्पादन और निपटान को लेकर नए नियम और नीतियां तैयार करेगी।
- सर्कुलर बिजनेस मॉडल में नवाचार: पर्यावरण-अनुकूल और पुनर्चक्रण पर आधारित नए बिजनेस आइडियाज को बढ़ावा दिया जाएगा।
कौन-कौन से सरकारी विभाग मिलकर इस योजना को लागू करेंगे?
इस बड़ी पहल को सफल बनाने के लिए यूएई के कई प्रमुख विभाग और संगठन एक साथ आए हैं। इसे नेशनल प्रोजेक्ट्स ऑफिस, अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्रालय, एमिरेट्स फाउंडेशन और तदवीर ग्रुप के सहयोग से पूरे देश में लागू किया जाएगा।
दुबई और पूरे यूएई में अब पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ डिजाइन प्रवृत्तियों को अपनाया जा रहा है। सरकार इस बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है ताकि लक्जरी लाइफस्टाइल और पर्यावरण सुरक्षा दोनों एक साथ चल सकें। साल 2024 में यूएई में स्लो फैशन की राजस्व हिस्सेदारी लगभग 50% दर्ज की गई थी, जिससे साफ पता चलता है कि उपभोक्ता भी अब पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यूएई में हर साल कितना कपड़ों का कचरा पैदा होता है?
अधिकारियों द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, यूएई में हर साल लगभग 2.2 लाख टन कपड़ों का कचरा पैदा होता है।
नसीज पहल की शुरुआत किसके निर्देश पर की गई है?
इस पर्यावरण-अनुकूल राष्ट्रीय पहल की शुरुआत यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के निर्देश पर की गई है।
नसीज पहल को लागू करने में कौन से विभाग सहयोग कर रहे हैं?
इसे नेशनल प्रोजेक्ट्स ऑफिस, अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्रालय, एमिरेट्स फाउंडेशन और तदवीर ग्रुप के सहयोग से लागू किया जा रहा है।
