संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रहने वाले लोगों और प्रवासियों के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि यहां किसी भी अपराधी या आरोपी की पहचान सोशल मीडिया या मीडिया प्लेटफॉर्म पर सार्वजनिक करने को लेकर बेहद सख्त कानून हैं। यूएई प्रशासन और मीडिया कानून के तहत जांच की गोपनीयता और लोगों की प्राइवेसी को सबसे ऊपर रखा जाता है। अगर कोई व्यक्ति बिना किसी आधिकारिक आदेश के किसी आरोपी की तस्वीर या नाम इंटरनेट पर शेयर करता है, तो उसे कड़े कानूनी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

ℹ️: Dubai में चोरी हुआ मोबाइल ढूंढने में ‘Find My Phone’ ने की मदद, घरेलू नौकरानी को मिली जेल की सजा.

क्या यूएई में आरोपियों के नाम और फोटो सार्वजनिक किए जा सकते हैं?

यूएई के कानून के अनुसार, जब तक किसी मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती या अदालत का कोई सीधा आदेश नहीं आ जाता, तब तक किसी भी आरोपी की पहचान मीडिया या सोशल मीडिया पर उजागर नहीं की जा सकती। UAE Penal Code और Cybercrimes Law के तहत समाचार पत्रों, पत्रिकाओं या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आरोपियों के नाम या फोटो छापने पर पूरी तरह प्रतिबंध है।

  • गोपनीयता का नियम: यूएई मीडिया काउंसिल के नियमों के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति के निजी जीवन और प्राइवेसी का पूरा सम्मान करना अनिवार्य है।
  • जांच की गोपनीयता: आपराधिक मामलों की जांच के दौरान न्यायिक अधिकारी और पुलिस विभाग किसी भी आरोपी या पीड़ित की जानकारी को गुप्त रखते हैं।
  • साइबर क्राइम कानून: बिना अनुमति के किसी की पहचान या निजी डेटा को ऑनलाइन शेयर करना यूएई में एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

नियमों का उल्लंघन करने पर क्या है सजा और कानूनी प्रावधान?

यूएई सरकार ने देश की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए समय-समय पर बड़े बदलाव किए हैं। 12 दिसंबर 2025 को Crimes and Penalties Law में नए संशोधन किए गए हैं। इसके अलावा Federal Decree-Law No. 34 of 2021 के तहत अफवाहों और साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए सख्त सजा का प्रावधान किया गया है।

अगर कोई व्यक्ति अपने काम या पेशे के दौरान मिली किसी गोपनीय जानकारी या आरोपी की पहचान को बाहर लीक करता है, तो उसे आपराधिक कानून के तहत सजा दी जाती है। यूएई की Public Prosecution और अदालतें ऐसे मामलों पर कड़ी नजर रखती हैं ताकि न्याय प्रक्रिया में कोई बाधा न आए और किसी की प्राइवेसी का हनन न हो।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या यूएई में आरोपी की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की जा सकती है?

नहीं, यूएई साइबर क्राइम कानून के तहत बिना किसी आधिकारिक न्यायिक आदेश के किसी भी आरोपी या संदिग्ध की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर करना पूरी तरह गैरकानूनी है। ऐसा करने पर भारी जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है।

पुलिस आपराधिक मामलों की जानकारी कब और कैसे देती है?

यूएई में कानून प्रवर्तन एजेंसियां (Law Enforcement Agencies) आमतौर पर किसी आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही मीडिया को सीमित और आवश्यक जानकारी जारी करती हैं, लेकिन इस दौरान भी प्राइवेसी का पूरा ध्यान रखा जाता है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.