UAE ने पर्यावरण को बचाने और सुधारने में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। 2026 के एनवायरनमेंटल परफॉर्मेंस इंडेक्स (EPI) में UAE अरब देशों में पहले नंबर पर रहा। पूरी दुनिया के 180 देशों में UAE को 42वां स्थान मिला है।

इस रिपोर्ट के मुताबिक UAE का ओवरऑल स्कोर 50.16 रहा। यह सफलता सरकार और समाज के एक साथ मिलकर काम करने और सस्टेनेबिलिटी पर किए गए निवेश का नतीजा है।

इन क्षेत्रों में रहा UAE सबसे आगे

  • वेस्ट मैनेजमेंट: कूड़ा प्रबंधन में UAE को 100 में से 100 नंबर मिले हैं और वह पूरी दुनिया में पहले नंबर पर है।
  • समुद्री जीवन: बॉटम ट्रॉलिंग फिशरीज में भी UAE ने परफेक्ट स्कोर हासिल किया है, जिसका मतलब है कि समुद्री क्षेत्रों में इस तरीके से मछलियाँ नहीं पकड़ी जातीं।
  • वेस्टवाटर ट्रीटमेंट: गंदे पानी के ट्रीटमेंट में UAE का स्कोर 94.99 रहा, जिससे वह दुनिया में 19वें स्थान पर है।
  • बायोडायवर्सिटी: समुद्री Key Biodiversity Areas की सुरक्षा में UAE अरब क्षेत्र में पहले और दुनिया में नौवें नंबर पर है। वहीं समुद्री आवास संरक्षण में उसे क्षेत्र में दूसरा स्थान मिला है।

यह इंडेक्स Yale University और Columbia University के रिसर्चर्स ने तैयार किया है। इसे 26 जून 2026 को लॉन्च किया गया था। इस रिसर्च को McCall MacBain Foundation ने फंड किया है और इसमें United Nations University Center for Policy Research (UNU-CPR) भी शामिल था। लॉन्च के दौरान इस बात पर चर्चा हुई कि पर्यावरण की निगरानी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है।

UAE की क्लाइमेट चेंज और एनवायरनमेंट मिनिस्टर Dr. Amna bint Abdullah Al Dahak ने बताया कि पर्यावरण की देखभाल देश की पहचान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि लगातार की गई मेहनत और सही रणनीति की वजह से मिली है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.