देहरादून में एक साधारण फूड-डिलीवरी ऑर्डर ने BlueChip Group के मालिक रविंद्र नाथ सोनी को गिरफ्तार करा दिया। UAE में ₹800 करोड़ से अधिक का निवेश धोखाधड़ी कर चुके सोनी को 18 महीने से पुलिस तलाश रही थी।


Key Highlights

  • देहरादून में Zomato/Swiggy के ऑर्डर से लोकेशन ट्रेस कर पुलिस ने गिरफ्तारी की

  • UAE और भारत में करोड़ों का निवेश फ्रॉड, 700+ पीड़ित

  • UAE के कई लोगों ने करोड़ों दिरहम लगाए थे, अब तक रिकवरी नहीं

  • सोनी ने “पैसा डबल” करने का वादा कर 36% वार्षिक रिटर्न का लालच दिया था

  • गिरफ्तारी के बाद भी पीड़ितों को पैसे मिलने पर अनिश्चितता

  • कानूनी विशेषज्ञ बोले — भारत में भी केस चल सकता है, भले अपराध UAE में हुआ हो

  • कंपनी के बंद होने से पहले $41.3 मिलियन क्रिप्टो वॉलेट में ट्रांसफर किए गए थे


पूरा मामला: कैसे पकड़ा गया BlueChip फ्रॉड का मास्टरमाइंड

18 महीनों से फरार चल रहे BlueChip Group के मालिक रविंद्र नाथ सोनी को पुलिस ने देहरादून से गिरफ्तार किया।
कानपुर पुलिस की ADCP अंजलि विश्वकर्मा ने बताया कि “वह एक फूड-डिलीवरी ऑर्डर के जरिए पकड़ा गया। जैसे ही लोकेशन मिली, तुरंत टीम पहुंच गई।”

सोनी पर UAE के निवेशकों से करोड़ों दिरहम लेकर भागने का आरोप है। दुबई में रहने वाले कई भारतीय एक्सपैट्स ने बताया कि उन्होंने सोनी के “मजबूत ऑपरेशन्स” पर भरोसा करके धन लगाया।

यह गिरफ्तारी 30 नवंबर को हुई और फिलहाल वह कानपुर की पुलिस हिरासत में है।


UAE पीड़ितों की हालत — राहत और बेचैनी दोनों

UAE में रहे Talha और उनके पिता ने Dh 1.6 million (₹3.5 करोड़) निवेश किया था।
एक अन्य अबूधाबी निवासी महिला ने Dh 1.2 million खो दिए।
दुबई के Dr. Pulak ने Dh 310,000 गंवाए और कहा — “अब मुझे पैसे की उम्मीद नहीं, बस सजा मिलनी चाहिए।”

एक्सेल शीट के अनुसार सिर्फ 90 निवेशकों ने ही $17 million निवेश किया था। असल संख्या इससे कई गुना ज्यादा है।


BlueChip कैसे डूबा?

BlueChip ने 36% सालाना रिटर्न का वादा किया था।
दुबई के बुर दुबई में Al Jawhara बिल्डिंग में कंपनी चलती थी।
मार्च 2024 में अचानक ऑफिस बंद हुआ और चेक बाउंस होने शुरू हुए।
बाद में पता चला कि सोनी ने $41.35 million क्रिप्टो में ट्रांसफर किया था।


कानूनी रास्ता क्या है?

दुबई के लीगल विशेषज्ञ फरहात अली खान ने बताया:

“भारतीय कानून की धारा 48 के तहत, अपराध भारत में न हुआ हो, फिर भी भारत में मुकदमा चल सकता है — यदि वह काम भारत में भी अपराध माना जाता।”