संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भीषण गर्मी से मजदूरों को बचाने के लिए सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। मानव संसाधन और अमीरात मंत्रालय (MoHRE) ने ऐलान किया है कि देश में 15 जून से दोपहर के समय खुले आसमान के नीचे काम करने पर पूरी तरह से रोक रहेगी। यह मिडडे ब्रेक नियम 15 सितंबर 2024 तक लागू रहेगा। इस फैसले से यूएई में काम करने वाले लाखों विदेशी कामगारों, विशेषकर भारतीय प्रवासियों को तपती गर्मी और हीट स्ट्रोक से बड़ी राहत मिलेगी।

दोपहर में किस समय रहेगा काम बंद और क्या हैं कंपनियों के लिए नियम?

इस सरकारी नियम के अनुसार, दोपहर 12:30 बजे से लेकर 3:00 बजे के बीच सीधे धूप में या खुले स्थानों पर काम कराने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। मंत्रालय ने कंपनियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे इस ब्रेक के दौरान मजदूरों के आराम के लिए छायादार जगहों की व्यवस्था करें। इसके साथ ही कामगारों के लिए पर्याप्त ठंडा पीने का पानी, ओआरएस या शरीर में पानी की कमी दूर करने वाले अन्य जरूरी इंतजाम और फर्स्ट एड बॉक्स रखना अनिवार्य होगा। MoHRE में निरीक्षण मामलों के सहायक अवर सचिव मोहसिन अल नासी ने बताया कि यह नियम कंपनियों की जिम्मेदारी और श्रमिकों की सुरक्षा के प्रति उनकी जागरूकता को दिखाता है।

नियम तोड़ने वाले मालिकों पर लगेगा भारी जुर्माना

यूएई सरकार इस नियम को लेकर बेहद गंभीर है। अगर कोई कंपनी दोपहर के प्रतिबंधित समय में काम कराते हुए पकड़ी जाती है, तो उस पर प्रति मजदूर 5,000 AED (यूएई दिर्हाम) का जुर्माना लगाया जाएगा। अगर कई मजदूर एक साथ काम करते मिले, तो यह जुर्माना अधिकतम 50,000 AED तक बढ़ सकता है। हालांकि, कुछ बेहद जरूरी सेवाओं जैसे बिजली-पानी की सप्लाई, ट्रैफिक कंट्रोल, डामर बिछाने और कंक्रीट डालने के काम को इस नियम से छूट दी गई है, लेकिन इन कामों के लिए भी कंपनियों को विशेष परमिट लेना होगा और मजदूरों की सुरक्षा के पूरे इंतजाम करने होंगे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

UAE में मिडडे ब्रेक नियम कब से कब तक लागू रहेगा?

यह नियम 15 जून से शुरू होकर 15 सितंबर 2024 तक लगातार तीन महीने के लिए लागू रहेगा।

दोपहर में किस समय खुले में काम करने पर प्रतिबंध रहेगा?

दोपहर 12:30 बजे से लेकर दोपहर 3:00 बजे तक खुले मैदानों और सीधी धूप में काम करने पर पूरी तरह से रोक रहेगी।

नियम का उल्लंघन करने पर कितना जुर्माना देना होगा?

नियम तोड़ने पर कंपनियों को प्रति श्रमिक 5,000 AED का जुर्माना देना होगा, जो अधिकतम 50,000 AED तक हो सकता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.