जुलाई 2026 में मध्य-पूर्व और UAE में बढ़ते क्षेत्रीय तनाव और एयरस्पेस पाबंदियों के चलते हवाई यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ है। 16 जुलाई को अकेले Dubai International Airport पर 300 उड़ानें देरी का शिकार हुईं और 14 फ्लाइट्स रद्द कर दी गईं, जिसमें Emirates की ही करीब 200 फ्लाइट्स देरी से चलीं। हालात इतने गंभीर हैं कि Saudia ने कुल 149 फ्लाइट्स रद्द कीं, जिसमें King Abdulaziz Airport से अकेले 58 उड़ानें शामिल रहीं।

उड़ानों पर पाबंदी और यात्रियों के लिए निर्देश

क्षेत्रीय तनाव के कारण कई रूटों पर 31 अगस्त तक उड़ानों पर रोक लगा दी गई है और टिकटों की बुकिंग 1 सितंबर से शुरू होगी। इसके अलावा Manila-Dubai की सेवा 2 अक्टूबर तक निलंबित है। Abha International Airport पर मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण उड़ानों में लगातार बाधा आ रही है। Houthi सैन्य समूह ने एयरलाइंस को सऊदी एयरस्पेस से दूर रहने की सलाह दी है। यह सब 8 जुलाई को संघर्ष विराम खत्म होने के बाद से उपजे हालातों का नतीजा है।

यात्री अपने अधिकारों को समझें

UAE General Civil Aviation Authority (GCAA) के अनुसार, फ्लाइट रद्द होने पर एयरलाइंस को यात्रियों को पूरा रिफंड, अगली उपलब्ध उड़ान में फ्री रीबुकिंग या ट्रैवल वाउचर देना अनिवार्य है। GCAA की Passenger Welfare Programme के तहत, यदि फ्लाइट प्रस्थान से 48 घंटे पहले रद्द होती है, तो यात्री भोजन, होटल और ग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन के हकदार हैं। हालांकि, क्षेत्रीय संघर्ष जैसी असाधारण स्थितियों में एयरलाइंस सीधे हर्जाना देने के लिए बाध्य नहीं हैं। ऐसे में यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने सभी खर्चों की रसीद सुरक्षित रखें क्योंकि आम ट्रैवल इंश्योरेंस में युद्ध या सिविल अशांति से जुड़े दावों को कवर नहीं किया जाता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.