संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्रालय ने उन खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि देश में पूंजी की आवाजाही या विदेशी निवेशकों पर किसी तरह की पाबंदी लगाई गई है। मंत्रालय ने साफ किया है कि UAE अपनी आर्थिक नीतियों में खुलापन बनाए रखने और पूंजी के मुक्त प्रवाह के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सोशल मीडिया पर चल रही पाबंदियों से जुड़ी खबरें पूरी तरह गलत और बेबुनियाद हैं।

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क्या UAE में निवेश और पैसों के लेन-देन के नियम बदल गए हैं?

मंत्रालय ने 18 और 19 मार्च 2026 को आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि विदेशी निवेशकों पर किसी भी प्रकार की नई सीमा नहीं लगाई गई है। दुबई मीडिया ऑफिस ने भी इन दावों को गलत बताते हुए कहा कि दुबई और पूरा UAE एक प्रमुख बिजनेस हब बना रहेगा। सरकार ने जनता और मीडिया को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें। UAE अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप एक स्थिर और आकर्षक निवेश वातावरण प्रदान करना जारी रखेगा।

विदेशी निवेशकों के लिए UAE में मौजूद प्रमुख अधिकार और कानून

UAE ने विदेशी निवेश को बढ़ावा देने और निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए एक मजबूत कानूनी ढांचा तैयार किया है। इससे जुड़ा डेटा और प्रमुख बिंदु नीचे दिए गए हैं:

प्रमुख प्रावधान निवेशकों को मिलने वाले लाभ
100% विदेशी स्वामित्व ज्यादातर व्यापारिक गतिविधियों में अब स्थानीय पार्टनर की जरूरत नहीं है।
मुनाफे की वापसी विदेशी निवेशकों को अपनी पूरी पूंजी और मुनाफा अपने देश ले जाने का अधिकार है।
टैक्स फ्री इनकम व्यक्तिगत आय पर कोई टैक्स नहीं लगता है, जिससे बचत अधिक होती है।
कॉरपोरेट टैक्स व्यापार के लिए केवल 9% की कम कॉरपोरेट टैक्स दर लागू है।
सुरक्षा कानून निवेशकों को संपत्ति जब्त होने जैसी स्थितियों से कानूनी सुरक्षा प्राप्त है।

UAE की सरकार ने हाल ही में नेशनल इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी को भी मंजूरी दी है, जिसका लक्ष्य साल 2031 तक विदेशी निवेश को दोगुना करना है। ऐसे में किसी भी तरह की पाबंदी की खबर निवेश के लक्ष्यों के विपरीत है। जो भारतीय या अन्य प्रवासी UAE में व्यापार कर रहे हैं, उनके लिए स्थिति सामान्य है और पुराने नियम ही लागू हैं।