UAE: मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस ने जारी किया नया फैसला, पिलर टू रिपोर्टिंग को लेकर दी जरूरी जानकारी.

UAE के वित्त मंत्रालय ने देश में बिजनेस करने वाली बड़ी कंपनियों के लिए एक नया और बड़ा नियम जारी किया है। सरकार ने आधिकारिक तौर पर Ministerial Decision No. 133 of 2026 को लागू कर दिया है जिसके तहत कंपनियों को Pillar Two Information Return फाइल करना होगा। यह नया कदम देश में टैक्स से जुड़े नियमों को और ज्यादा साफ करने के लिए उठाया गया है ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पारदर्शिता बनी रहे। सरकार चाहती है कि देश में काम करने वाली सभी बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों को अपने टैक्स और रिपोर्टिंग से जुड़े नियमों को लेकर किसी भी तरह की कोई कन्फ्यूजन न रहे।
किन कंपनियों को करना होगा रिटर्न फाइल
इस नए फैसले के मुताबिक सरकार ने साफ कर दिया है कि किस-किस कंपनी को फेडरल टैक्स अथॉरिटी के पास यह रिटर्न जमा करना जरूरी है। इसमें यूएई के अंदर मौजूद हर वो कंपनी शामिल है जो इन्वेस्टमेंट एंटिटी नहीं है। इसके अलावा यूएई में काम करने वाली सभी ज्वाइंट वेंचर कंपनियां और उनकी सब्सिडियरी भी इस दायरे में आती हैं। इतना ही नहीं देश के कानूनों के तहत जो कंपनियां रिवर्स हाइब्रिड एंटिटी के रूप में आती हैं उन्हें भी यह रिटर्न भरना होगा। सरकार का यह नियम उन सभी कंपनियों पर लागू होता है जो 1 January 2025 या उसके बाद शुरू होने वाले किसी भी फाइनेंशियल ईयर के लिए काम कर रही हैं।
कैसे जमा होगा यह रिटर्न
कंपनियों के पास इस रिपोर्ट को जमा करने के लिए दो विकल्प दिए गए हैं। कंपनियां चाहें तो अपनी रिपोर्ट खुद सीधे तौर पर जमा कर सकती हैं या फिर वे चाहें तो अपनी तरफ से किसी अधिकृत लोकल एंटिटी को यह काम सौंप सकती हैं। यह पूरा नियम Cabinet Decision No. 142 of 2024 के उस फ्रेमवर्क का हिस्सा है जिसे दुनिया भर के देशों के साथ मिलकर ग्लोबल मिनिमम टैक्स और एंटी-बेस एरोजन नियमों को लागू करने के लिए बनाया गया था। यूएई सरकार लगातार ऐसे कदम उठा रही है जिससे देश का बिजनेस माहौल ग्लोबल स्टैंडर्ड के हिसाब से मजबूत और साफ-सुथरा बना रहे।