दुबई और अबू धाबी में रहने वाले लोग शुक्रवार शाम को अचानक आए एक मिसाइल अलर्ट से हैरान रह गए। UAE के Ministry of Interior ने शाम करीब 5:15 बजे यह चेतावनी जारी की थी, जिससे लोगों में थोड़ी हलचल मच गई। हालांकि, सरकार ने तुरंत दूसरा मैसेज भेजकर इसे नजरअंदाज करने की सलाह दी है।
यह घटना पिछले 53 दिनों में पहली बार हुई है जब क्षेत्र में ऐसा कोई अलर्ट जारी किया गया। यह चेतावनी उस समय आई जब अमेरिका और ईरान के बीच एक अंतरिम युद्धविराम हुआ था। अधिकारियों ने साफ किया कि स्थिति सुरक्षित है और लोग अपनी सामान्य गतिविधियां फिर से शुरू कर सकते हैं।
कैसे काम करता है UAE का इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम
UAE में National Emergency Crisis and Disaster Management Authority (NCEMA), Ministry of Interior, Civil Defence और स्थानीय पुलिस मिलकर यह सिस्टम चलाते हैं। इसके कुछ मुख्य नियम इस तरह हैं:
- यह अलर्ट केवल उन्हीं इलाकों में भेजा जाता है जो सीधे तौर पर प्रभावित होते हैं।
- यह अलर्ट इतना तेज होता है कि फोन के साइलेंट मोड या डू-नॉट-डिस्टर्ब सेटिंग को भी ओवरराइड कर देता है ताकि लोग तुरंत सतर्क हो जाएं।
- लोगों को सलाह दी जाती है कि वे शांत रहें, खिड़कियों से दूर घर के अंदर रहें और केवल आधिकारिक चैनलों पर भरोसा करें।
- अधिकारियों ने यह भी कहा है कि ऐसी स्थिति में रुककर वीडियो बनाना या रिकॉर्डिंग करना सही नहीं है।
क्षेत्रीय तनाव और कूटनीति
अलर्ट के कुछ समय बाद UAE के विदेश मंत्री Sheikh Abdullah bin Zayed Al Nahyan ने ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi से फोन पर बात की। इस बातचीत में शेख अब्दुल्ला ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का पूरी तरह पालन करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय संकटों को सुलझाने के लिए गंभीर कूटनीति और जिम्मेदार बातचीत ही सबसे बेहतर रास्ता है।
यह पूरा मामला ऐसे समय में सामने आया है जब ओमान के तट पर एक टैंकर पर संदिग्ध ईरानी ड्रोन हमले और लेबनान में इजरायली हमलों के कारण तनाव बढ़ा हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के लिए बातचीत चल रही है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से शिपिंग और ईरान के यूरेनियम भंडार जैसे मुद्दों पर 60 दिनों के भीतर निर्णय लिया जाना है। इससे पहले मार्च 2026 में भी UAE में मिसाइल डिफेंस गतिविधियों की खबरें आई थीं।
