संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में एक बार फिर मिसाइल और ड्रोन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा अलर्ट जारी किया है। 7 अप्रैल 2026 को देश के विभिन्न हिस्सों में तेज आवाजें सुनी गईं, जो दरअसल मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने के दौरान हुई थीं। रक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली पूरी तरह सक्रिय है और ईरान की तरफ से आए खतरों का सफलतापूर्वक जवाब दिया गया है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह सुरक्षित बताई जा रही है।

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हमले और सुरक्षा कार्रवाई का पूरा विवरण

यूएई के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उनकी वायु रक्षा प्रणालियों ने ईरान की ओर से दागे गए 12 बैलिस्टिक मिसाइलों, 2 क्रूज मिसाइलों और 19 ड्रोन (UAV) को सफलतापूर्वक बीच रास्ते में ही रोक दिया। हालांकि, इन हमलों के दौरान फुजैरा में एक दूरसंचार भवन को निशाना बनाया गया और छर्रे लगने की वजह से कुछ लोग घायल भी हुए हैं।

  • फुजैरा में एक ड्रोन हमले के कारण दूरसंचार भवन को नुकसान पहुँचा है।
  • सफल हवाई रक्षा अभियानों के मलबे से 4 लोग घायल हुए हैं।
  • घायलों में एक घाना का नागरिक भी शामिल है जिसे छर्रे लगने से चोट आई है।
  • कुवैत ने भी इसी दौरान ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों को रोकने की जानकारी दी है।

आम जनता और प्रवासियों के लिए जरूरी निर्देश

राष्ट्रीय आपातकालीन और संकट प्रबंधन प्राधिकरण (NCEMA) ने लोगों के मोबाइल पर अलर्ट भेजकर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। अधिकारियों ने सख्त निर्देश दिए हैं कि लोग केवल आधिकारिक चैनलों से मिलने वाली जानकारी पर ही भरोसा करें। इसके अलावा, जमीन पर गिरे हुए किसी भी मलबे या मिसाइल के टुकड़ों के पास जाने या उन्हें छूने से मना किया गया है क्योंकि वे खतरनाक हो सकते हैं।

अब तक हुए हमलों और नुकसान के आंकड़े

28 फरवरी 2026 से शुरू हुए इन हमलों के बाद से यूएई की सुरक्षा प्रणालियों ने हजारों खतरों को नाकाम किया है। इसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई टेबल में देखी जा सकती है:

विवरण कुल संख्या (अब तक)
इंटरसेप्ट की गई बैलिस्टिक मिसाइलें 519
रोकी गई क्रूज मिसाइलें 26
नष्ट किए गए ड्रोन (UAV) 2210
कुल घायलों की संख्या 221
नागरिकों की मृत्यु 10

मौजूदा स्थिति को देखते हुए अमेरिकी सरकार ने भी यूएई के लिए अपनी यात्रा सलाह को लेवल 3 पर रखा है, जिसका मतलब है कि यात्रियों को यहाँ की यात्रा करने पर फिर से विचार करना चाहिए। यूएई का रक्षा मंत्रालय किसी भी स्थिति से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर बना हुआ है।