UAE सरकार ने देश में बायोसिक्योरिटी (biosecurity) को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। Ministry of Climate Change and Environment (MOCCAE) और Abu Dhabi Quality and Conformity Council (ADQCC) के बीच एक अहम समझौते पर दस्तखत हुए हैं। इस पहल का मुख्य मकसद देश में आने वाले खाद्य पदार्थों, पौधों और जानवरों की सेहत को सुरक्षित रखना है ताकि लोगों को शुद्ध और सुरक्षित सामान मिले।

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इस नए समझौते से क्या बदलाव आएंगे और इसका क्या फायदा होगा?

यह समझौता अल ऐन में आयोजित Emirates Agriculture Conference and Exhibition 2026 के दौरान हुआ। MOCCAE के अंडर-सेक्रेटरी Mohammed Saeed Al Nuaimi ने बताया कि इस कदम से सरकारी विभागों के बीच तालमेल बढ़ेगा और देश की बायोसिक्योरिटी व्यवस्था एक समान होगी। इससे बीमारियों की पहचान करने वाले सिस्टम बेहतर होंगे और फूड सेफ्टी (food safety) से जुड़ी चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी। यह पूरी योजना सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बनाई गई है।

किन चीजों की जांच होगी और कौन सी लैब करेगी यह काम?

ADQCC के एक्टिंग सेक्रेटरी-जनरल Fahad Ghareeb Al Shamsi के मुताबिक, अब बंदरगाहों (ports) के जरिए UAE में आने वाले सामान की बहुत बारीकी से जांच की जाएगी। जांच के दायरे में मुख्य रूप से ये चीजें शामिल रहेंगी:

  • पीने का पानी और खाद्य पदार्थ (Food items)
  • जानवरों के लिए इस्तेमाल होने वाला चारा
  • विभिन्न प्रकार के पौधे और पशुधन (Livestock)

इस काम के लिए ADQCC की सेंट्रल टेस्टिंग लैब और M42 की पार्टनरशिप का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे लैब टेस्टिंग की क्षमता बढ़ेगी और आधुनिक तकनीक की मदद से जांच की प्रक्रिया पहले से तेज होगी।

खेती-बाड़ी और किसानों के लिए सरकार ने क्या नया ऐलान किया?

कार्यक्रम के दौरान जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण मंत्री Dr. Amna bint Abdullah Al Dahak ने “UAE Good Agricultural Practices (UAE GAP)” प्रोजेक्ट की शुरुआत की। सरकार चाहती है कि UAE के 80% स्थानीय फार्म इस ग्लोबल सर्टिफिकेट को हासिल करें ताकि खेती का स्तर अंतरराष्ट्रीय स्तर का हो सके। इसी कॉन्फ्रेंस में Silal Group ने 14 और National Agriculture Centre ने 5 रणनीतिक समझौते किए हैं, ताकि भविष्य में खेती और फूड सिक्योरिटी को और बेहतर बनाया जा सके।