संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में व्यापार और व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए विदेश मंत्रालय (MoFA) की तरफ से एक जरूरी खबर आई है। मंत्रालय ने आज यानी 8 जून 2026 से अपने पुराने eDAS 1.0 सिस्टम को हमेशा के लिए बंद कर दिया है। अब व्यवसायियों को कमर्शियल इनवॉइस और ओरिजिन सर्टिफिकेट के अटेस्टेशन (सत्यापन) के लिए पूरी तरह से नए eDAS 2.0 सिस्टम पर शिफ्ट होना होगा।

पुराना eDAS 1.0 सिस्टम क्यों बंद किया गया है?

यूएई के विदेश मंत्रालय के अनुसार, पुरानी प्रणाली को बंद करने और नए eDAS 2.0 को लागू करने का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाना है। यह बदलाव देश के डिजिटल परिवर्तन को बढ़ावा देने और सरकारी प्रक्रियाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है।

eDAS 2.0 सिस्टम से व्यापारियों को क्या फायदे मिलेंगे?

नया eDAS 2.0 सिस्टम व्यापारियों और कंपनियों के काम को काफी आसान बना देगा। इसके प्रमुख फायदे निम्नलिखित हैं:

  • समय की बचत: इस नए सिस्टम के आने से दस्तावेज़ों के अटेस्टेशन में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।
  • कम कागजी कार्रवाई: यूएई सरकार के ‘जीरो गवर्नमेंट ब्यूरोक्रेसी प्रोग्राम’ के तहत इस सिस्टम में कम से कम स्टेप्स और फील्ड्स रखे गए हैं।
  • सरल प्रक्रिया: नए पोर्टल को इस तरह डिजाइन किया गया है कि कोई भी आसानी से बिना किसी उलझन के अपने काम पूरे कर सकता है।

भारतीय व्यापारियों और प्रवासियों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?

यूएई में व्यापार कर रहे भारतीय प्रवासियों और स्थानीय व्यवसायियों को अब अपने व्यापारिक दस्तावेज़ों के सत्यापन के लिए इसी नए सिस्टम का इस्तेमाल करना होगा। इस बदलाव से उनका काम पहले से अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तेज़ गति से हो सकेगा, जिससे व्यापार संचालन में बड़ी मदद मिलेगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

eDAS 1.0 सिस्टम को कब बंद किया गया है?

यूएई विदेश मंत्रालय ने पुराने eDAS 1.0 सिस्टम को आज यानी 8 जून 2026 से पूरी तरह बंद कर दिया है।

नए eDAS 2.0 सिस्टम पर किन दस्तावेज़ों का अटेस्टेशन होगा?

इस नए सिस्टम का उपयोग मुख्य रूप से कमर्शियल इनवॉइस (व्यापारिक चालान) और सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन (मूल प्रमाण पत्र) के सत्यापन के लिए किया जाएगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.