UAE में काम करने वाले प्रवासियों, खासकर भारतीय भाइयों के लिए एक बहुत जरूरी अपडेट आया है। मानव संसाधन और अमीरातीकरण मंत्रालय (MoHRE) ने केवल कमीशन पर आधारित नौकरी, कॉन्ट्रैक्ट के नियमों और नौकरी छोड़ने के बाद मिलने वाले लाभों (ग्रेच्युटी) को लेकर अपनी गाइडलाइन्स साफ की हैं। अगर आप भी यहाँ नौकरी कर रहे हैं, तो ये नए नियम आपके हक और पैसों से जुड़े हैं।

🚨: UAE में नौकरी के नए नियम लागू: कमीशन-आधारित काम और सैलरी के लिए MoHRE ने जारी की गाइडलाइंस

कमीशन वाली नौकरी और कॉन्ट्रैक्ट के नियम

MoHRE ने साफ किया है कि केवल कमीशन पर आधारित नौकरी कानूनी है, लेकिन इसके लिए कंपनी और कर्मचारी के बीच लिखित समझौता होना चाहिए और वह कॉन्ट्रैक्ट मंत्रालय में रजिस्टर्ड होना चाहिए। इसमें सैलरी का तरीका, कमीशन की दर और भुगतान का समय साफ-साफ लिखा होना चाहिए। हालांकि कमीशन वालों के लिए कोई तय न्यूनतम वेतन नहीं है, लेकिन नियम यह है कि कमाई इतनी हो जिससे बुनियादी जरूरतें पूरी हो सकें।

मंत्रालय ने यह भी कहा है कि कोई भी कंपनी कर्मचारी की लिखित सहमति के बिना उसकी सैलरी या पद नहीं बदल सकती। कॉन्ट्रैक्ट में कोई भी बदलाव केवल MoHRE के डिजिटल पोर्टल के जरिए ही मान्य होगा, केवल बातचीत या मौखिक वादे की कोई कानूनी मान्यता नहीं होगी।

सैलरी पेमेंट और कॉन्ट्रैक्ट का प्रकार

1 जून 2026 से वैज प्रोटेक्शन सिस्टम (WPS) के नए नियम लागू होंगे। अब कंपनियों को हर महीने की 1 तारीख तक सैलरी देनी होगी। पहले मिलने वाली 15 दिनों की छूट अब खत्म कर दी गई है। साथ ही, अब सभी कर्मचारियों के लिए ‘फिक्स्ड-टर्म’ कॉन्ट्रैक्ट अनिवार्य कर दिए गए हैं और अनलिमिटेड कॉन्ट्रैक्ट को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।

ग्रेच्युटी और अन्य फायदों का हिसाब

नौकरी छोड़ते समय मिलने वाली ग्रेच्युटी का हिसाब आखिरी बेसिक सैलरी के आधार पर होगा। जो लोग केवल कमीशन या पीसवर्क पर काम करते हैं, उनकी ग्रेच्युटी और छुट्टी के पैसों का हिसाब पिछले 6 महीनों की औसत कमाई के आधार पर किया जाएगा।

विवरण नियम और शर्तें
पात्रता कम से कम 1 साल की लगातार सर्विस जरूरी
पहले 5 साल की ग्रेच्युटी हर साल के लिए 21 दिन की बेसिक सैलरी
5 साल के बाद की ग्रेच्युटी हर साल के लिए 30 दिन की बेसिक सैलरी
अधिकतम सीमा कुल ग्रेच्युटी 2 साल की कुल सैलरी से ज्यादा नहीं होगी
भुगतान की समय सीमा कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के 14 दिनों के भीतर भुगतान जरूरी
बिना वेतन की छुट्टी बिना सैलरी वाले दिनों को सर्विस पीरियड में नहीं गिना जाएगा
वर्क परमिट नियम कमीशन वाली नौकरी में भी सैलरी कॉलम में शून्य (0) नहीं लिखा जा सकता
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.