UAE के Ministry of Human Resources and Emiratisation (MoHRE) ने श्रमिक आवास को लेकर बहुत सख्त नियम लागू किए हैं. इन नए नियमों का मुख्य मकसद देश में काम करने वाले मजदूरों के रहने के स्तर, उनकी सुरक्षा और मानसिक सेहत को बेहतर बनाना है. अब कंपनियों को अपने कर्मचारियों के लिए Either लाइसेंसशुदा आवास देना होगा या फिर उन्हें हाउसिंग अलाउंस देना होगा, ताकि कोई भी मजदूर खराब स्थिति में रहने को मजबूर न हो.

🗞️: US-Israel War: बच्चों की कब्रगाह बना स्कूल अब होगा नेशनल साइट, ईरान सरकार ने किया ऐलान

मजदूरों के आवास में कौन सी सुविधाएं देना अब अनिवार्य है?

सरकार ने साफ कर दिया है कि लेबर कैंप्स में बुनियादी सुविधाओं की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अब हर आवास में नीचे दी गई सुविधाएं होना जरूरी है:

  • इंटरनेट और पानी: सभी श्रमिकों को मुफ्त इंटरनेट और साफ पीने का पानी मिलना जरूरी है.
  • साफ-सफाई: आवास में बेहतर रोशनी, स्वच्छता, कीट नियंत्रण (Pest Control) और खाना बनाने की उचित सुविधा होनी चाहिए.
  • सुरक्षा: गैस व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित होनी चाहिए और आग से बचाव के लिए अग्निशमन उपकरण और निकासी योजना (Evacuation Plan) होनी चाहिए.
  • जगह का नियम: हर एक श्रमिक के लिए कम से कम तीन वर्ग मीटर जगह आवंटित करना अनिवार्य है.

बड़े लेबर कैंपों और सुरक्षा के लिए क्या नए इंतजाम हैं?

जिन परिसरों में 1,000 या उससे अधिक श्रमिक रहते हैं, वहां सुविधाओं का स्तर और भी ऊंचा रखा गया है. साथ ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं:

  • मेडिकल सुविधा: बड़े कैंपों में 24 घंटे चलने वाला मेडिकल क्लिनिक, डॉक्टर, नर्स और एंबुलेंस की सुविधा होनी चाहिए.
  • अन्य सेवाएं: मनोरंजन क्षेत्र और वित्तीय सेवाओं की सुविधा भी उपलब्ध करानी होगी.
  • मानसिक स्वास्थ्य: आधिकारिक छुट्टियों के दौरान सामाजिक और मनोरंजक गतिविधियां आयोजित करनी होंगी ताकि श्रमिकों का मानसिक तनाव कम हो सके.
  • लोकेशन: आवास औद्योगिक क्षेत्रों और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क के पास होने चाहिए, लेकिन इन्हें पारिवारिक रिहायशी इलाकों और पर्यावरणीय खतरों से दूर रखा जाना चाहिए.

कंपनियों पर क्या असर पड़ेगा और नियम तोड़ने पर क्या होगा?

MoHRE ने इन नियमों की निगरानी के लिए Electronic Labour Accommodation System (ELAS) का नया वर्जन लॉन्च किया है. अब कंपनियों के लिए इन नियमों का पालन करना बहुत जरूरी हो गया है क्योंकि:

  • वर्क परमिट: अब नीले-कॉलर श्रमिकों के लिए नए वर्क परमिट जारी करना इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी पर्याप्त आवास दे रही है या नहीं.
  • कानूनी कार्रवाई: मंत्रालय नियमित रूप से निरीक्षण करेगा और जो कंपनियां नियमों का पालन नहीं करेंगी, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
  • जानकारी: कंपनियों को श्रमिकों के अधिकारों और शिकायतों के लिए सरकारी अधिकारियों के संपर्क विवरण अलग-अलग भाषाओं में उपलब्ध कराने होंगे.

Frequently Asked Questions (FAQs)

UAE में लेबर आवास में प्रति व्यक्ति कितनी जगह मिलनी चाहिए?

नए नियमों के मुताबिक, प्रत्येक श्रमिक के लिए कम से कम तीन वर्ग मीटर जगह आवंटित की जानी अनिवार्य है।

अगर कंपनी आवास नहीं देती है तो क्या विकल्प है?

नियोक्ताओं को या तो लाइसेंसशुदा और पर्याप्त आवास सुनिश्चित करना होगा या फिर श्रमिकों को हाउसिंग अलाउंस (आवास भत्ता) प्रदान करना होगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.