UAE ने ईरान के सामने रखी शर्त, युद्धविराम के बीच Strait of Hormuz को बिना शर्त खोलने की मांग.
यूएई की सरकार दो हफ्ते के लिए घोषित किए गए युद्धविराम के फैसले पर बारीकी से नजर रख रही है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले में पूरी जानकारी जुटा रही है ताकि यह पक्का हो सके कि ईरान अपनी ओर से होने वाले हमलों को पूरी तरह रोक देगा। इस प्रक्रिया में सबसे अहम मुद्दा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलना है, जिससे जहाजों की आवाजाही सुरक्षित हो सके।
यूएई की ओर से युद्धविराम को लेकर क्या कहा गया?
यूएई प्रशासन ने कहा है कि वह इस युद्धविराम की घोषणा की गहराई से जांच कर रहा है। यूएई चाहता है कि ईरान इस दौरान अपनी सभी सैन्य गतिविधियों और हमलों को तुरंत बंद करने की पक्की प्रतिबद्धता जताए। खाड़ी देशों की सुरक्षा और शांति के लिए यह बहुत ज़रूरी है कि ईरान इन शर्तों को बिना किसी देरी के मान ले। यूएई इस समय स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हर छोटे बड़े घटनाक्रम पर अपनी नज़र बनाए हुए है।
Strait of Hormuz खुलने से प्रवासियों और व्यापार पर क्या असर होगा?
- होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल की सप्लाई के लिए दुनिया का सबसे प्रमुख रास्ता है।
- इसके बिना शर्त खुलने से समुद्र के रास्ते होने वाला व्यापार सुरक्षित हो जाएगा और जहाजों को रोकने का खतरा कम होगा।
- गल्फ देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह अच्छी खबर है क्योंकि इससे सामानों की सप्लाई और कीमतों में स्थिरता बनी रहेगी।
- व्यापारिक गतिविधियों में सुधार होने से खाड़ी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
- सुरक्षित जलमार्ग होने से भारत और गल्फ देशों के बीच होने वाला कार्गो परिवहन बिना किसी रुकावट के चल सकेगा।




