UAE में अब हाई-टेक मटेरियल यानी ग्राफीन का उत्पादन शुरू होने जा रहा है. NanoCarbonX और Graphene Star ने इसके लिए एक रणनीतिक मैन्युफैक्चरिंग समझौता किया है. यह डील ‘Make it in the Emirates 2026’ इवेंट के दौरान साइन की गई. इस कदम से यूएई अब अपनी ज़रूरत का एडवांस सामान खुद बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगा.

🚨: अमेरिका और ईरान के बीच फिर हुई बड़ी भिड़ंत, जहाजों पर मिसाइल हमले, लेबनान और इसराइल में शांति की कोशिश

ग्राफीन फैक्ट्री कहाँ लगेगी और इसकी क्षमता कितनी होगी?

NanoCarbonX अब KEZAD (Khalifa Economic Zones Abu Dhabi) में एक बड़ी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाएगा. इस प्लांट के बारे में मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • इस फैक्ट्री में हर साल 960 टन तक ग्राफीन बनाने की क्षमता होगी.
  • भविष्य में अगर इसकी मांग बढ़ी, तो फैक्ट्री के आकार को और बड़ा किया जा सकेगा.
  • यहाँ बनने वाला ग्राफीन मुख्य रूप से चार प्राथमिकता वाले सेक्टरों की जरूरतों को पूरा करेगा.

इस समझौते से UAE को क्या फायदा होगा?

इस डील के तहत NanoCarbonX को Graphene Star की पेटेंटेड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने का एक्सक्लूसिव लाइसेंस मिला है. इसका मतलब है कि अब यूएई के पास अपनी खुद की नैनोमटेरियल्स बनाने की ताकत होगी. इससे देश की निर्भरता बाहरी देशों पर कम होगी और स्थानीय स्तर पर तकनीक का विकास होगा. यह प्रोजेक्ट ‘The Nano Company’ की सहायक कंपनी NanoCarbonX द्वारा चलाया जाएगा.

Frequently Asked Questions (FAQs)

NanoCarbonX और Graphene Star के बीच क्या समझौता हुआ है?

दोनों कंपनियों ने यूएई में इंडस्ट्रियल लेवल पर ग्राफीन बनाने के लिए समझौता किया है. इसके तहत NanoCarbonX को ग्राफीन स्टार की खास तकनीक का इस्तेमाल करने का लाइसेंस मिला है.

ग्राफीन फैक्ट्री की क्षमता और लोकेशन क्या है?

यह फैक्ट्री अबू धाबी के KEZAD इलाके में बनाई जाएगी. इसमें साल भर में 960 टन ग्राफीन तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है जिसे भविष्य में बढ़ाया जा सकता है.