UAE सरकार ने ईरान की तरफ से होने वाले हमलों और अंतरराष्ट्रीय अपराधों का रिकॉर्ड रखने के लिए एक बड़ी तैयारी की है। इसके लिए एक खास नेशनल कमिटी बनाई गई है जो हर एक नुकसान और घटना का पूरा हिसाब रखेगी। यह फैसला शेख मंसूर बिन जायद अल नाहयान ने एक नए कानून के जरिए लिया है ताकि भविष्य के लिए पुख्ता सबूत रखे जा सकें।

यह नेशनल कमिटी क्या काम करेगी और इसका मुखिया कौन होगा?

इस कमिटी का मुख्य काम ईरान द्वारा किए गए हमलों और अंतरराष्ट्रीय अपराधों का दस्तावेज़ तैयार करना है। इसमें यह देखा जाएगा कि UAE की ज़मीन, यहाँ रहने वाले नागरिकों, मेहमानों और निवासियों को कितना नुकसान हुआ है। इस कमिटी की कमान UAE के अटॉर्नी जनरल के हाथों में होगी जो पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। इसका मकसद एक ऐसा नेशनल रिकॉर्ड बनाना है जो पूरी तरह सबूतों पर आधारित हो।

कमिटी में कौन लोग शामिल होंगे और किन नियमों का पालन होगा?

इस कमिटी में अलग-अलग सरकारी मंत्रालयों और लोकल संस्थाओं के लोग शामिल होंगे। इसमें सुरक्षा, कानून, तकनीकी और आर्थिक एक्सपर्ट्स को रखा गया है। ज़रूरत पड़ने पर यह कमिटी देश और विदेश के बड़े विशेषज्ञों की मदद भी ले सकेगी। यह पूरा काम UAE के संविधान और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के हिसाब से किया जाएगा। इसमें हर हमले की टाइमिंग और हालात की बारीकी से जांच की जाएगी ताकि कोई भी जानकारी छूट न जाए।

Frequently Asked Questions (FAQs)

UAE ने यह नई कमिटी क्यों बनाई है?

यह कमिटी ईरान द्वारा किए गए हमलों और अंतरराष्ट्रीय अपराधों का पूरा रिकॉर्ड रखने के लिए बनाई गई है ताकि UAE की ज़मीन और लोगों को हुए नुकसान का सही हिसाब मिल सके।

इस कमिटी की अध्यक्षता कौन करेगा?

इस नेशनल कमिटी की अध्यक्षता UAE के अटॉर्नी जनरल करेंगे।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.