UAE सरकार ने देश की इंडस्ट्री को मजबूत करने के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने 1 अरब दिरहम का फंड बनाने की मंजूरी दी है। इसका मकसद जरूरी सामानों का उत्पादन देश के अंदर ही करना और सप्लाई चेन को बेहतर बनाना है। इससे आने वाले समय में लोकल प्रोडक्ट्स की संख्या काफी बढ़ जाएगी।

1 अरब दिरहम के फंड से क्या होगा बदलाव?

सरकार ने नेशनल इंडस्ट्रियल रेजिलिएंस फंड बनाया है। इसमें 1 अरब दिरहम (लगभग 272 मिलियन डॉलर) की पूंजी लगाई जाएगी। इस पैसे का इस्तेमाल जरूरी उद्योगों को स्थानीय बनाने और सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए होगा। साथ ही, उत्पादन और प्लानिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल भी बढ़ाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य यह है कि 5,000 से ज्यादा जरूरी सामानों का पूरा उत्पादन UAE के अंदर ही किया जाए।

लोकल प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए क्या नियम आए?

सरकार ने राष्ट्रीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए कुछ कड़े फैसले लिए हैं। अब नेशनल इन-कंट्री वैल्यू प्रोग्राम को सभी फेडरल सरकारी संस्थाओं और नेशनल कंपनियों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा, अब रिटेल दुकानों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर эмиराती (UAE) प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि स्थानीय कंपनियों को ज्यादा बाजार मिल सके।

‘Make it in the Emirates’ इवेंट में क्या खास होगा?

4 से 7 मई 2026 तक अबू धाबी के ADNEC सेंटर में 5वां ‘Make it in the Emirates’ प्लेटफॉर्म आयोजित होगा। इस इवेंट का थीम ‘इमर्जिंग स्ट्रॉन्गर’ रखा गया है। इस बड़े आयोजन में 1,000 से ज्यादा UAE कंपनियां हिस्सा लेंगी और करीब 1,22,500 लोगों के आने की उम्मीद है। यहाँ 12 रणनीतिक सेक्टरों में मौके दिखाए जाएंगे और 4,800 से अधिक उत्पादों को स्थानीय बनाने पर चर्चा होगी।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.