संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने जकात (Zakat) के सिस्टम को बेहतर और पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने ‘National Zakat Platform’ शुरू करने का ऐलान किया है। यह एक डिजिटल सिस्टम होगा जो पूरे देश में जकात इकट्ठा करने और बांटने के काम को संभालेगा। फेडरल लॉ नंबर 4 ऑफ 2025 के तहत लाए गए इस नियम का मकसद यह पक्का करना है कि जकात का पैसा सही हाथों में जाए और इसका फायदा सीधे जरूरतमंदों को मिले।

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क्या हैं नए नियम और किसे करना होगा रजिस्टर?

नए कानून के मुताबिक, जकात से जुडी किसी भी संस्था को काम करने के लिए आधिकारिक परमिट लेना अनिवार्य होगा। जकात जमा करने और बांटने वाली सभी संगठनों को इस नेशनल प्लेटफॉर्म पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। सरकार ने साफ किया है कि बिना परमिट के कोई भी व्यक्ति या संस्था जकात इकट्ठा नहीं कर सकती है।

अनधिकृत रूप से चंदा या जकात जमा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, सभी लाइसेंसी संस्थाओं को अपना वित्तीय कामकाज सरकार द्वारा मंजूर किए गए सिस्टम के जरिए ही करना होगा। जकात के पैसों के लिए राष्ट्रीय बैंकों में अलग खाता रखना भी जरूरी कर दिया गया है ताकि हर एक रुपये का हिसाब सही तरीके से रखा जा सके।

फीस में छूट और विदेश पैसा भेजने के नियम

इस नए प्लेटफॉर्म की एक बड़ी राहत यह है कि इसके जरिए होने वाले जकात के किसी भी लेन-देन पर कोई फीस नहीं लगेगी। सरकार ने जकात से जुड़े ट्रांजेक्शन को सभी प्रकार के शुल्क से मुक्त रखा है। अगर अथॉरिटी को फंड्स से जुड़ा कोई कानूनी केस करना पड़ता है, तो उस पर भी कोई न्यायिक फीस नहीं लगेगी।

देश से बाहर जकात भेजने के नियमों को भी कड़ा किया गया है। अब UAE से बाहर पैसा भेजना केवल विशेष परिस्थितियों में ही संभव होगा, जैसे कि कोई प्राकृतिक आपदा या बड़ा मानवीय संकट। इसके लिए भी प्लेटफॉर्म के जरिए पहले से मंजूरी लेनी होगी। इस पूरे सिस्टम की देखरेख General Authority of Islamic Affairs, Endowments, and Zakat (Awqaf) करेगी और यह कानून 2025 के अंत या 2026 की शुरुआत तक पूरी तरह लागू हो जाएगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.