UAE के अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्रालय (MoET) और न्याय मंत्रालय (MoJ) ने 11 मार्च 2026 को अबू धाबी में एक अहम फोरम का आयोजन किया। इसका मुख्य उद्देश्य रियल एस्टेट, सोने के व्यापारियों और लीगल कंपनियों को मनी लॉन्ड्रिंग (AML) नियमों का सख्ती से पालन करवाना है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी तरह की संदिग्ध वित्तीय गतिविधि को तुरंत रिपोर्ट करना अनिवार्य है, ताकि देश के वित्तीय सिस्टम को सुरक्षित रखा जा सके।

किन कारोबारियों पर होगा सीधा असर?

यह नया नियम विशेष रूप से नॉन-फाइनेंशियल बिजनेस (DNFBPs) के लिए लागू किया गया है। इसमें रियल एस्टेट ब्रोकर्स, कीमती धातुओं और पत्थरों के डीलर, ऑडिटर और लीगल कंसलटेंट शामिल हैं। इन सभी को अब अपने ग्राहकों की पूरी जानकारी (Customer Due Diligence) रखनी होगी। अब से प्रोलाइफरेशन फाइनेंसिंग (Proliferation Financing) को भी एक गंभीर अपराध माना जाएगा।

इन सभी कारोबारियों को अब goAML पोर्टल से जुड़ना अनिवार्य है, जिससे रियल-टाइम में निगरानी हो सके। अगर कोई भी ऑनलाइन लेनदेन 11,000 दिरहम से अधिक का होता है, तो उसकी तुरंत रिपोर्टिंग करना जरूरी है। ऐसा न करने पर कंपनी के मालिकों पर सीधी कार्रवाई हो सकती है।

नियम तोड़ने पर कितना लगेगा जुर्माना?

साल 2025 के नए फेडरल कानून (Federal Decree-Law No. 10) और कैबिनेट रेजोल्यूशन के तहत प्रशासनिक जुर्माने की राशि काफी बढ़ा दी गई है। अब कंपनियों को अपने इंटरनल सिस्टम को हर हाल में अपडेट रखना होगा। जुर्माने का विवरण इस प्रकार है:

उल्लंघन का प्रकार जुर्माने की राशि
स्वीकृत AML पॉलिसी का न होना 100,000 से 200,000 दिरहम
पुरानी या साधारण पॉलिसी रखना 50,000 से 100,000 दिरहम
रेगुलेटेड कंपनियों की गलती 10 मिलियन दिरहम तक
कानूनी संस्थाओं का गंभीर उल्लंघन 5 मिलियन से 100 मिलियन दिरहम तक

अधिकारियों ने क्या दी जानकारी?

MoET के AML विभाग के निदेशक सलेम अहमद अल तुनैजी ने बताया कि सरकार आधुनिक तकनीक और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए इस सेक्टर की कड़ी निगरानी कर रही है। यह एक इंटीग्रेटेड फ्रेमवर्क है जो अवैध गतिविधियों को रोकेगा। ईओसीएन (EOCN) के महानिदेशक हामिद अल-ज़ाबी ने भी साफ किया कि यूएई की निगरानी संस्थाएं पूरी तरह से काम कर रही हैं।

MoET के सहायक अवर सचिव अब्दुल्ला सुल्तान अल फान अल शम्सी ने स्पष्ट किया कि हालिया निरीक्षण अभियानों में कंपनियों के दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। ऐसे में जो भारतीय प्रवासी यूएई में अपना कारोबार चला रहे हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे भारी जुर्माने से बचने के लिए अपने सभी कागजात और रिपोर्टिंग सिस्टम को तुरंत अपडेट कर लें।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.