यूएई सरकार ने अपने टैक्स सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। इस बदलाव के तहत देश में नया ई-इनवॉइसिंग (e-invoicing) नियम लागू होने जा रहा है। संयुक्त अरब अमीरात के वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) ने इस काम के लिए डीपी वर्ल्ड (DP World) को एक प्री-अप्रूव्ड सर्विस प्रोवाइडर के रूप में चुना है। इस नए नियम से उन सभी कंपनियों पर सीधा असर पड़ेगा जिनका सालाना रेवेन्यू 5 करोड़ दिरहम से अधिक है।

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नए ई-इनवॉइसिंग नियम की ज़रूरी तारीखें और समय

यूएई सरकार ने इस नए सिस्टम को लागू करने के लिए एक समयसीमा तय की है ताकि कंपनियाँ आसानी से खुद को इसके अनुरूप ढाल सकें। महत्वपूर्ण तारीखों का विवरण इस प्रकार है:

नियम और चरण ज़रूरी तारीख़
पायलट फेज की शुरुआत 1 जुलाई 2026
5 करोड़ दिरहम से अधिक कमाई वाली कंपनियों के लिए प्रोवाइडर चुनने की डेडलाइन 30 अक्टूबर 2026
पूरे यूएई में अनिवार्य रूप से लागू होना जनवरी 2027

इस बदलाव से कंपनियों को क्या फायदे होंगे और डेटा कहाँ स्टोर होगा?

डीपी वर्ल्ड का यह नया सिस्टम कंपनियों को उनके रोज़मर्रा के लेन-देन और पेमेंट को आसान बनाने में मदद करेगा। इससे कागज़ी और मैन्युअल काम कम होगा और व्यापार में तेज़ी आएगी। इस सिस्टम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सभी कंपनियों के बिल और संवेदनशील वित्तीय डेटा को यूएई के अंदर ही सुरक्षित रूप से होस्ट और स्टोर किया जाएगा। इससे देश की डेटा संप्रभुता (Data Sovereignty) के नियमों का पूरी तरह पालन होगा।

इस नए फैसले पर अधिकारियों का क्या कहना है?

डीपी वर्ल्ड जीसीसी में डिजिटल टेक्नोलॉजी के मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) डॉ. मोहम्मद अबूहमरा ने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को इस नए नियम के साथ बिना किसी रुकावट के जोड़ना है। उन्होंने कहा कि इस बदलाव से कंपनियों के पेमेंट चक्र में तेजी आएगी, हिसाब-किताब की गलतियां कम होंगी और पूरी सप्लाई चेन में बेहतर पारदर्शिता मिलेगी। डीपी वर्ल्ड ने इसके लिए कंपनियों को अपने साथ जोड़ने और शुरुआती प्लानिंग में मदद करने का काम शुरू कर दिया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यूएई में ई-इनवॉइसिंग का पायलट फेज कब से शुरू हो रहा है?

यूएई में नया ई-इनवॉइसिंग का पायलट फेज 1 जुलाई 2026 से शुरू होने जा रहा है।

किन कंपनियों के लिए 30 अक्टूबर 2026 तक सर्विस प्रोवाइडर नियुक्त करना ज़रूरी है?

जिन कंपनियों का सालाना रेवेन्यू 50 मिलियन दिरहम (5 करोड़ AED) से अधिक है, उन्हें 30 अक्टूबर 2026 तक एक मान्यता प्राप्त सर्विस प्रोवाइडर चुनना अनिवार्य है।

क्या नए ई-इनवॉइसिंग सिस्टम का डेटा देश से बाहर स्टोर किया जा सकता है?

नहीं, राष्ट्रीय डेटा संप्रभुता नियमों के तहत सारा वित्तीय और इनवॉइस डेटा यूएई के भीतर ही स्टोर और प्रोसेस किया जाएगा।