UAE सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में अमीराती नागरिकों की संख्या बढ़ाने के लिए कुछ बड़े बदलाव किए हैं। अब ज्यादा से ज्यादा अमीराती युवाओं को मेडिकल की पढ़ाई करने और अस्पतालों में काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए लाइसेंस लेने की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है और प्राइवेट अस्पतालों के लिए भर्ती के नए नियम लागू किए गए हैं।
लाइसेंस और पढ़ाई के नियमों में बदलाव
1 अप्रैल 2026 से नए नियम लागू हुए हैं। अब यूनिवर्सिटी में पढ़ाने वाले मेडिकल प्रोफेसर अपनी टीचिंग के साथ-साथ अस्पतालों में प्रैक्टिस भी कर सकेंगे। साथ ही, नए ग्रेजुएट्स के लिए लाइसेंस पाना आसान हो गया है। रजिस्टर्ड नर्स, असिस्टेंट नर्स, मेडिकल लैब तकनीशियनों और हेल्थकेयर असिस्टेंट जैसे कुछ पदों के लिए छह महीने की अनिवार्य इंटर्नशिप की शर्त को हटा दिया गया है। इससे नए प्रोफेशनल जल्दी नौकरी शुरू कर सकेंगे।
प्राइवेट अस्पतालों के लिए नई शर्तें
16 जून 2026 से प्राइवेट हेल्थकेयर केंद्रों के लिए नए नियम आए हैं। जिन अस्पतालों में 50 या उससे ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं, उन्हें हर साल अमीराती नागरिकों की भर्ती में 2% की बढ़ोतरी करनी होगी। सरकार ने यह भी तय किया है कि इन भर्तियों में आधी सीटें स्पेशलाइज्ड मेडिकल जॉब्स के लिए होंगी और आधी अन्य कुशल कामों के लिए। इन नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी जांच 2027 से शुरू होगी और टारगेट पूरा न करने वाले संस्थानों पर जुर्माना लगाया जाएगा।
अधिकारियों और विशेषज्ञों की राय
Ministry of Health and Prevention (MoHAP) के अधिकारियों ने कहा कि इन बदलावों से मरीजों की देखभाल बेहतर होगी और योग्य प्रोफेशनल जल्दी सिस्टम का हिस्सा बनेंगे। MoHRE की असिस्टेंट अंडरसेक्रेटरी फरीदा अल अली ने बताया कि यह फैसला प्राइवेट सेक्टर में अमीराती टैलेंट को बढ़ाने और सेवाओं की क्वालिटी सुधारने के लिए लिया गया है। MoHAP के अब्दुल्ला ahli ने कहा कि सरकार का मकसद स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर के लंबे अवसर पैदा करना है।
TERN Group के CEO अविनाव निगम ने बताया कि प्रोफेसरों को अस्पताल में काम करने देने और लाइसेंस प्रक्रिया को आसान बनाने से हेल्थकेयर वर्कफोर्स और मजबूत होगी। इन नियमों के लागू होने से प्राइवेट अस्पतालों में काम करने वाले प्रवासियों और कामकाज के माहौल पर भी असर पड़ेगा क्योंकि अब स्थानीय नागरिकों की भागीदारी अनिवार्य होगी।