UAE सरकार ने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर कई कड़े और नए नियम लागू किए हैं। मार्च 2026 में फेडरल नेशनल काउंसिल (FNC) ने बच्चों के लिए अनिवार्य वैक्सीनेशन का ड्राफ्ट कानून पास किया है। इस नए नियम का असर UAE में रहने वाले सभी नागरिकों और प्रवासियों पर पड़ेगा, जिनमें भारतीय भी शामिल हैं। सरकार ने 2026 को ‘ईयर ऑफ फैमिली’ घोषित किया है और बच्चों की सेहत को राष्ट्रीय प्राथमिकता बताया है।

स्कूलों में दवा ले जाने को लेकर क्या हैं नए नियम?

UAE में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में दवा से जुड़े कड़े नियम लागू किए गए हैं। इन नियमों का पालन करना सभी माता-पिता के लिए अनिवार्य है।

  • छात्र अब स्कूल बैग या क्लासरूम में अपने साथ कोई भी दवा नहीं रख सकेंगे जिससे दवा के गलत इस्तेमाल को रोका जा सके।
  • सभी दवाओं के साथ डॉक्टर का अप्रूव किया हुआ वैलिड प्रिस्क्रिप्शन होना जरूरी है जिसमें दवा का नाम, डोज़ और समय लिखा हो।
  • दवा को उसकी असली और साफ लेबल लगी हुई पैकिंग में ही स्कूल ले जाना होगा।
  • माता-पिता को दवा सीधे स्कूल के क्लीनिक में स्टाफ को सौंपनी होगी ताकि क्वालिफाइड स्टाफ बच्चों को सही समय पर सुरक्षित रूप से दवा दे सके।

वैक्सीन ना लगवाने पर कितना लगेगा जुर्माना?

नए कानून के तहत बच्चों का टीकाकरण अब और भी ज्यादा सख्त कर दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

  • अगर कोई अभिभावक अपने बच्चों को नेशनल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम के तहत अनिवार्य वैक्सीन नहीं लगवाते हैं तो उन पर 5,000 से लेकर 20,000 दिरहम तक का भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
  • सरकार की तरफ से ये सभी वैक्सीन बच्चों के लिए बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही हैं।
  • केवल किसी अप्रूव्ड मेडिकल कंडीशन होने पर ही वैक्सीन से छूट मिल सकेगी।
  • अबू धाबी स्वास्थ्य विभाग (DoH) ने जन्म के समय RSV से बचाव के लिए नए इलाज को भी प्रोग्राम में शामिल किया है।
  • स्वास्थ्य मंत्रालय और एमिरेट्स ड्रग इस्टैब्लिशमेंट (EDE) दवाओं की सुरक्षा पर कड़ी नजर रख रहे हैं। हाल ही में किसी मिलावट के शक पर एक इन्फेंट फॉर्मूला को बाजार से वापस मंगाया गया था।
  • बच्चों के रिकॉर्ड को सुरक्षित और आसान बनाने के लिए अब डिजिटल वैक्सीन पासपोर्ट भी शुरू किया जा रहा है।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.