UAE में सोशल मीडिया कंटेंट और विज्ञापनों को लेकर सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब केवल यूएई के नागरिक ही विज्ञापनों और सोशल मीडिया वीडियो में अमीराती बोली का इस्तेमाल कर पाएंगे और कंदूरा पहनकर प्रमोशनल वीडियो बना सकेंगे। नेशनल मीडिया ऑफिस ने इसे देश की सांस्कृतिक पहचान और विरासत को बचाने के लिए जरूरी बताया है।

कंदूरा और अमीराती बोली के लिए नया नियम क्या है?

नेशनल मीडिया ऑफिस के चेयरमैन अब्दुल्ला बिन मोहम्मद बिन बुट्टी अल हमीद ने साफ किया है कि अमीराती ड्रेस और बोली देश की पहचान का हिस्सा हैं, इसलिए इन्हें सही तरीके से दिखाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि कई विज्ञापनों और ऑनलाइन वीडियो में अमीराती संस्कृति को गलत तरीके से पेश किया जा रहा था, जिसके बाद यह कदम उठाया गया। यह नियम किसी पर रोक लगाने के लिए नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए लाया गया है। फेडरल नेशनल काउंसिल की सदस्य नायमा अल शरहान ने भी सोशल मीडिया पर अमीराती बोली के गलत प्रतिनिधित्व पर चिंता जताई थी।

सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एडवर्टाइजर परमिट के नियम

सरकार ने विज्ञापनों में पारदर्शिता लाने के लिए नए कानून लागू किए हैं। 1 फरवरी 2026 से यूएई में सभी विज्ञापनदाताओं और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए सोशल मीडिया प्रमोशन के लिए ‘एडवर्टाइजर परमिट’ (Advertiser Permit) लेना अनिवार्य हो गया है। यह नियम फेडरल मीडिया कानून संख्या 55 ऑफ 2023 के तहत लागू किया गया है।

  • परमिट की वैधता: यूएई के नागरिकों और निवासियों के लिए यह परमिट एक साल तक वैध रहेगा।
  • विजिटर्स के लिए: बाहर से आने वाले लोगों के लिए यह परमिट तीन महीने के लिए मान्य होगा।
  • शुल्क: पहले तीन वर्षों के लिए यह परमिट मुफ्त दिया जाएगा।
  • AI कंटेंट: सरकार भ्रामक और एआई-जनित सामग्री पर सख्त कार्रवाई कर रही है, जिसके तहत मार्च और अप्रैल 2026 में गिरफ्तारियां भी हुई हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अब विदेशी कंदूरा नहीं पहन सकते?

यह नियम विशेष रूप से सोशल मीडिया कंटेंट और प्रमोशनल विज्ञापनों के लिए है। इसका उद्देश्य विज्ञापनों में अमीराती संस्कृति के गलत चित्रण को रोकना है।

एडवर्टाइजर परमिट लेना किसके लिए जरूरी है?

यह परमिट उन सभी व्यक्तियों और व्यवसायों के लिए जरूरी है जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन गतिविधियां करते हैं, चाहे उन्हें इसके लिए पैसा मिल रहा हो या नहीं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.