यूएई (UAE) में प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों की सैलरी को लेकर एक बहुत बड़ा बदलाव हुआ है। सरकार ने नया वेतन संरक्षण प्रणाली (WPS) कानून लागू कर दिया है, जिसके बाद कंपनियों को हर महीने की पहली तारीख तक अपने कर्मचारियों की सैलरी देनी होगी। इस नए नियम के लागू होते ही यूएई के प्रमुख एक्सचेंज Al Ansari Exchange पर सैलरी प्रोसेस करने वाली कंपनियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। कंपनी ने अपने WPS प्लेटफॉर्म के जरिए वेतन भुगतान करने वाली कंपनियों की संख्या में 151 प्रतिशत से अधिक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की है।

क्या है यूएई का नया सैलरी कानून (WPS) और यह कब से लागू हुआ?

यूएई के मानव संसाधन और अमीरातकरण मंत्रालय (MoHRE) ने Ministerial Resolution No. 340 of 2026 जारी किया था, जो 1 जून 2026 से पूरे देश में लागू हो गया है। इस नए नियम ने पुराने नियम (Ministerial Resolution No. 598 of 2022) की जगह ली है। इसके तहत प्राइवेट सेक्टर की सभी कंपनियों के लिए अपनी सैलरी प्रक्रिया को पूरी तरह बदलना अनिवार्य हो गया है।

नए नियम के तहत मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • सैलरी की अंतिम तिथि: कंपनियों को हर हाल में महीने की पहली तारीख तक कर्मचारियों की पिछले महीने की सैलरी का भुगतान करना होगा। पहली तारीख के बाद किया गया कोई भी भुगतान कानूनन देरी से किया गया भुगतान माना जाएगा।
  • WPS थ्रेशोल्ड में बदलाव: समय पर वेतन भुगतान की सीमा (Compliance Threshold) को 80% से बढ़ाकर अब 85% कर दिया गया है।
  • केंद्रीय बैंक की निगरानी: इस पूरी प्रणाली की निगरानी MoHRE और Central Bank of the UAE संयुक्त रूप से कर रहे हैं।

नियमों का उल्लंघन करने पर मिलेगी कड़ी सजा और प्रतिबंध

नए सैलरी कानून के तहत नियमों का पालन न करने वाली कंपनियों के खिलाफ बेहद सख्त कदम उठाए जाएंगे। यदि कोई कंपनी समय पर सैलरी नहीं देती है, तो उस पर निम्नलिखित कार्रवाई की जा सकती है:

  • कंपनी के नए वर्क परमिट (Work Permit) जारी करने पर रोक लगा दी जाएगी।
  • कंपनी पर भारी प्रशासनिक जुर्माना (Administrative Penalties) लगाया जाएगा।
  • गंभीर मामलों में कंपनी की संपत्ति को जब्त (Asset Seizures) किया जा सकता है।
  • कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों (Senior Staff) पर देश से बाहर जाने पर रोक यानी ट्रैवल बैन (Travel Ban) लगाया जा सकता है।
  • मामले को अदालत या आपराधिक जांच (Criminal Referrals) के लिए भेजा जा सकता है।

अल अंसारी एक्सचेंज पर क्यों बढ़ी कंपनियों की भीड़?

नया नियम लागू होने के ठीक पहले दिन, यानी 1 जून 2026 को अल अंसारी एक्सचेंज के WPS प्लेटफॉर्म पर ट्रांजैक्शन करने वाली कंपनियों की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई। Al Ansari Exchange के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) Ali Al Najjar ने बताया कि यह नया नियम यूएई के श्रम बाजार को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा होगी और कंपनियों को भी अपनी व्यवस्था सुधारनी होगी।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से कंपनियों को अब अपनी वित्तीय प्लानिंग और सैलरी की तारीखों को लेकर बहुत ज्यादा सतर्क रहना होगा।

मुख्य विवरण (Key Details) नियम और आंकड़े (Rules & Data)
नया कानून लागू होने की तिथि 1 जून 2026
सैलरी भुगतान की अंतिम तारीख महीने की 1 तारीख (Gregorian Month)
अल अंसारी एक्सचेंज पर वॉल्यूम वृद्धि 151% से अधिक
समय पर भुगतान की सीमा (WPS Threshold) 85% अनिवार्य

Frequently Asked Questions (FAQs)

यूएई में नए सैलरी कानून के तहत वेतन देने की अंतिम तारीख क्या है?

नए नियम के अनुसार सभी प्राइवेट कंपनियों को पिछले महीने की सैलरी हर हाल में नए महीने की पहली तारीख तक देनी होगी। पहली तारीख के बाद किया गया कोई भी भुगतान विलंबित माना जाएगा।

सैलरी समय पर न देने पर कंपनियों को क्या सजा मिल सकती है?

सैलरी में देरी करने पर कंपनियों के नए वर्क परमिट रोके जा सकते हैं, जुर्माना लगाया जा सकता है, संपत्ति जब्त की जा सकती है और सीनियर स्टाफ पर ट्रैवल बैन लग सकता है।

WPS की अनुपालन सीमा (Compliance Threshold) में क्या बदलाव हुआ है?

नए नियम के तहत समय पर वेतन भुगतान की अनुपालन सीमा को पहले के 80% से बढ़ाकर अब 85% कर दिया गया है।