यूएई सरकार ने निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन भुगतान को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। अब 1 जून 2026 से कंपनियों के लिए सैलरी देने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा। इस नए नियम का सीधा असर उन सभी प्रवासियों और भारतीय कामगारों पर पड़ेगा जो यूएई की प्राइवेट कंपनियों में नौकरी करते हैं ताकि उन्हें समय पर पैसा मिल सके।

नया सैलरी नियम क्या है और कब से लागू होगा?

मानव संसाधन और अमीरात मंत्रालय (MoHRE) ने यह नया नियम वेतन सुरक्षा प्रणाली (WPS) के तहत पेश किया है। यह नियम 1 जून 2026 से प्रभावी होगा। इसके तहत कंपनियों को हर महीने की पहली तारीख को पिछले महीने का पूरा वेतन देना होगा। अगर भुगतान पहली तारीख के बाद किया जाता है तो उसे देरी माना जाएगा। पहले मिलने वाली 15 दिन की छूट अब खत्म कर दी गई है।

  • भुगतान का तरीका: वेतन केवल WPS या मंत्रालय द्वारा मंजूर किए गए चैनलों के जरिए ही देना होगा।
  • अनुपालन की शर्त: कंपनी को तब नियमों का पालन करने वाला माना जाएगा जब वह तय तारीख तक कुल वेतन का कम से कम 85% भुगतान कर दे।
  • दस्तावेजीकरण: कंपनियों को वेतन भुगतान का पूरा रिकॉर्ड और डेटा जमा करना अनिवार्य होगा।

सैलरी देने में देरी हुई तो कंपनी पर क्या एक्शन होगा?

मंत्रालयी संकल्प संख्या 340, 2026 के अनुसार, वेतन भुगतान में देरी करने वाली कंपनियों के खिलाफ अब बहुत सख्त और तेज कार्रवाई की जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के जरिए कंपनी की हर हरकत पर नजर रखी जाएगी। खास तौर पर कंस्ट्रक्शन, ट्रांसपोर्ट और सिक्योरिटी जैसी हाई रिस्क सेवाओं वाली कंपनियों पर कड़ी नजर रहेगी।

दिन होने वाली कार्रवाई
पहला दिन इलेक्ट्रॉनिक निगरानी शुरू होगी
दूसरा दिन कंपनी को सूचना और चेतावनी भेजी जाएगी
पांचवां दिन वर्क परमिट सस्पेंड होगा और औपचारिक चेतावनी मिलेगी
ग्यारहवां दिन प्रशासनिक जुर्माना लगेगा और कंपनी की श्रेणी गिर सकती है
सोलहवां दिन लेबर डिस्प्यूट (श्रम विवाद) का ऑटोमेटिक रजिस्ट्रेशन होगा
इक्कीसवां दिन यात्रा प्रतिबंध, संपत्ति की कुर्की और कानूनी मुकदमा चलेगा

किन लोगों और कंपनियों पर यह नियम लागू नहीं होगा?

सरकार ने कुछ खास संस्थाओं और कर्मचारियों को इस नए WPS नियम से बाहर रखा है। इन पर यह सख्त समय-सीमा लागू नहीं होगी। इनमें शामिल हैं:

  • विदेशी कंपनियों द्वारा रखे गए विदेशी कर्मचारी
  • बैंक और वित्तीय संस्थान
  • पूजा स्थल और धार्मिक केंद्र
  • मछली पकड़ने वाली नावें
  • नागरिकों के स्वामित्व वाली पब्लिक टैक्सियां

यह भी साफ किया गया है कि अगर कंपनी ने पेरोल का काम किसी बाहरी एजेंसी को सौंपा है, तब भी सैलरी न मिलने पर पूरी जिम्मेदारी नियोक्ता (Employer) की ही होगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अगर कंपनी पहली तारीख के बाद सैलरी देती है तो क्या होगा?

पहली तारीख के बाद किए गए भुगतान को देरी माना जाएगा। इसके बाद 21 दिनों के भीतर चेतावनी, वर्क परमिट निलंबन, जुर्माना और यात्रा प्रतिबंध जैसी सख्त कार्रवाइयां हो सकती हैं।

क्या 85% वेतन मिलने पर कर्मचारी को अवैतनिक माना जाएगा?

नहीं, यदि कर्मचारी को उसके हकदार वेतन का कम से कम 85% मिल जाता है और बाकी पैसा कानूनी कटौतियों की वजह से रुका है, तो उसे अवैतनिक नहीं माना जाएगा।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com