संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में नौकरी करने वाले लाखों कर्मचारियों और प्रवासियों के लिए एक बड़ी और काम की खबर सामने आई है। यूएई के मानव संसाधन और अमीरातकरण मंत्रालय (MoHRE) ने निजी क्षेत्र के कर्मचारियों की सैलरी को सुरक्षित और समय पर दिलाने के लिए एक नया सख्त नियम जारी किया है। सरकार के इस कदम से सैलरी में होने वाली देरी पर पूरी तरह से लगाम लगेगी, जिससे वहां रहने वाले भारतीय और अन्य विदेशी प्रवासियों को अपना मासिक खर्च चलाने में काफी मदद मिलेगी।

📰: UAE Weather Update: यूएई में जून की शुरुआत में बदलेगा मौसम, तापमान में गिरावट के साथ चलेगी धूलभरी आंधी.

नए नियम से क्या बदलेगा और कब से लागू होगा यह कानून

मानव संसाधन और अमीरातकरण मंत्रालय (MoHRE) ने नए वेतन नियमों के लिए संकल्प संख्या 340 (Ministerial Resolution No. 340 of 2026) जारी किया है। यह नया कानून 1 जून 2026 से पूरे देश में लागू कर दिया जाएगा। इस नए नियम के तहत सभी निजी कंपनियों को अपने कर्मचारियों की सैलरी पिछले महीने के काम के बदले हर महीने की पहली तारीख को ही देनी होगी।

सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि पहले मिलने वाले 15 दिनों के ग्रेस पीरियड (अतिरिक्त समय) को अब पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अगर कोई कंपनी महीने की पहली तारीख के बाद सैलरी देती है, तो उसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और कंपनी डिफॉल्टर घोषित कर दी जाएगी। कंपनी को तब अनुपालन में माना जाएगा जब वह अपने कम से कम 85% कर्मचारियों को समय पर पूरा वेतन दे देती है।

सैलरी देरी से देने पर कंपनियों को भुगतने होंगे ये परिणाम

सैलरी के भुगतान में देरी करने वाले नियोक्ताओं के खिलाफ मंत्रालय ने सख्त कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की है, जो इस प्रकार है:

  • दूसरे दिन: वेतन न मिलने पर सिस्टम के जरिए इलेक्ट्रॉनिक निगरानी शुरू होगी और कंपनी को चेतावनी भेजी जाएगी।
  • पांचवें दिन: नियमों का पालन न करने पर कंपनी के नए वर्क परमिट जारी करने पर रोक लगाई जा सकती है।
  • ग्यारहवें दिन: कंपनी पर प्रशासनिक जुर्माना लगाया जाएगा और उसकी रेटिंग को तीसरी श्रेणी में गिरा दिया जाएगा।
  • सोलहवें दिन: पीड़ित कर्मचारी अपने वेतन के लिए विवाद दर्ज करा सकेंगे और कंपनी के खिलाफ और सख्त कदम उठाए जाएंगे।
  • इक्कीसवें दिन: कानूनी कार्रवाई शुरू होगी जिसमें संपत्ति कुर्क करना, जिम्मेदार अधिकारियों पर यात्रा प्रतिबंध और मामले को सरकारी अभियोजन को सौंपना शामिल है।

सभी तरह के वेतन भुगतानों को वेज प्रोटेक्शन सिस्टम (WPS) के माध्यम से ही प्रोसेस करना अनिवार्य होगा ताकि सरकार हर ट्रांजैक्शन पर नज़र रख सके।

अमीराती नागरिकों के न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी

इस फैसले के साथ ही निजी क्षेत्र में काम करने वाले यूएई के नागरिकों (Emiratis) के लिए न्यूनतम मासिक वेतन बढ़ाकर 6,000 दिरहम (AED) कर दिया गया है। यह नियम 1 जनवरी 2026 से ही प्रभावी हो चुका है। जिन नियोक्ताओं ने अपने अमीराती कर्मचारियों को इससे कम वेतन पर रखा है, उन्हें 30 जून 2026 तक सैलरी में बदलाव करना होगा। हालांकि, विदेशी प्रवासियों के लिए कोई न्यूनतम वेतन तय नहीं है, लेकिन कानून के मुताबिक वेतन उनकी बुनियादी जरूरतों के अनुकूल होना आवश्यक है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यूएई में नया सैलरी नियम कब से लागू होने जा रहा है?

यूएई में नया सैलरी भुगतान नियम 1 जून 2026 से लागू होगा। इसके तहत हर महीने की पहली तारीख को ही सैलरी देना अनिवार्य होगा।

क्या नए नियमों में सैलरी देने के लिए कोई अतिरिक्त समय मिलेगा?

नहीं, नए नियमों में पहले मिलने वाली 15 दिनों की अतिरिक्त अवधि (ग्रेस पीरियड) को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। पहली तारीख के बाद भुगतान देरी माना जाएगा।

अगर कंपनी समय पर सैलरी नहीं देती है तो क्या होगा?

नियम तोड़ने पर कंपनियों पर दूसरे दिन से ही कार्रवाई शुरू हो जाएगी, जिसमें वर्क परमिट पर रोक, जुर्माना, संपत्ति कुर्क करना और यात्रा प्रतिबंध तक शामिल हैं।