UAE में प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खबर है। Ministry of Human Resources and Emiratisation (MoHRE) ने सैलरी पेमेंट को लेकर कड़े नियम बनाए हैं। अब अगर कंपनियां सैलरी देने में देरी करेंगी, तो उन पर भारी जुर्माना लगेगा और कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों पर Travel Ban भी लगाया जा सकता है। यह नियम खासतौर पर उन प्रवासियों के लिए मददगार होगा जो समय पर वेतन न मिलने से परेशान रहते हैं।

नया सैलरी नियम क्या है और कब से लागू होगा?

MoHRE ने 12 मई 2026 को Ministerial Resolution No. 340 of 2026 जारी किया है। इस नए कानून के मुताबिक, 1 जून 2026 से सभी प्राइवेट कंपनियों को पिछले महीने की सैलरी वर्तमान महीने की पहली तारीख तक देनी होगी। पहले कंपनियों को 15 दिन की मोहलत मिलती थी, लेकिन अब इस ग्रेस पीरियड को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।

  • अगर कंपनी कुल वेतन का कम से कम 85% समय पर ट्रांसफर करती है, तो उसे नियमों का पालन करने वाला माना जाएगा।
  • सैलरी का भुगतान Wage Protection System (WPS) के जरिए ही करना अनिवार्य होगा।
  • कंपनी क्लाइंट से पैसा न मिलने या कैश फ्लो की समस्या का बहाना बनाकर सैलरी रोकने का दावा नहीं कर सकती।

सैलरी देरी से देने पर क्या होगी कार्रवाई और जुर्माना?

सरकार ने देरी होने पर कार्रवाई का एक पूरा समय चक्र तय किया है। जैसे-जैसे दिन बढ़ेंगे, जुर्माना और सजा सख्त होती जाएगी। इसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई टेबल में है।

समय (दिन) होने वाली कार्रवाई
1 से 2 दिन कंपनी को ऑटोमैटिक वॉर्निंग अलर्ट भेजा जाएगा।
5 दिन बाद कंपनी के लिए नए वर्क परमिट जारी करना बंद कर दिया जाएगा।
11 दिन बाद भारी प्रशासनिक जुर्माना लगेगा और कंपनी की कैटेगरी गिराई जा सकती है। जुर्माना प्रति कर्मचारी 5,000 दिरहम तक हो सकता है।
16 दिन बाद प्रभावित कर्मचारियों की ओर से ऑटोमैटिक लेबर डिस्प्यूट रजिस्टर हो जाएगा।
21 दिन बाद पब्लिक प्रोसिक्यूशन को मामला भेजा जा सकता है, संपत्ति जब्त हो सकती है और अधिकारियों पर Travel Ban लग सकता है।

किन लोगों और कंपनियों को इस नियम से छूट मिली है?

कुछ खास कैटेगरी के कर्मचारियों और संस्थाओं को इस सैलरी कैलकुलेशन से बाहर रखा गया है। इसमें वे कर्मचारी शामिल हैं जिनका लेबर डिस्प्यूट चल रहा है या जो बिना वेतन की छुट्टी पर हैं। इसके अलावा, जिन्हें UAE के बाहर विदेशी संस्थाओं द्वारा भुगतान किया जाता है, उन पर यह लागू नहीं होगा।

साथ ही, 3 महीने से कम के शॉर्ट-टर्म वर्क परमिट, फिशिंग बोट्स, बैंक, इबादतगाहों और नागरिक स्वामित्व वाले सार्वजनिक टैक्सियों को भी इस नियम से छूट दी गई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या कंपनी क्लाइंट से पैसा न मिलने का बहाना बनाकर सैलरी रोक सकती है?

नहीं, MoHRE ने साफ किया है कि कर्मचारियों की सैलरी देना सीधे तौर पर नियोक्ता की जिम्मेदारी है। क्लाइंट पेमेंट या कैश-फ्लो विवादों का इस्तेमाल सैलरी में देरी के लिए नहीं किया जा सकता।

नए नियम के तहत सैलरी देने की आखिरी तारीख क्या होगी?

1 जून 2026 से लागू होने वाले नियमों के अनुसार, कंपनियों को पिछले महीने का वेतन वर्तमान महीने की पहली तारीख तक देना होगा। अब 15 दिन की अतिरिक्त छूट नहीं मिलेगी।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.